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चचेरे भाइयों की मौत से गांव में मातम छाया

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रोती बिलखती मृतक सैफ की मां। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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हुसैनगंज। मातिनपुर गांव में गंगा नदी में डूबने से चार की मौत के बाद उनके परिवारों में चीख गूंजती रही। हादसे में एक परिवार के चचेरे भाइयों की मौत हुई है। उनकी मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। शादी वाले परिवार ने रिश्तेदार युवकों और किशोरियों को गंगा नहाने जाते समय समझाकर भेजा था कि गहराई से दूर रहें। इसके बाद भी सभी पानी में कूदने के बाद खुद को उछलकूद करने से रोक नहीं सके।
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गांव के अमीरे की बेटी शीबा के निकाह के बाद कई रिश्तेदार घर पर रुके थे। गंगा नदी में नहाने का शौक लेकर युवक और किशोर मंगलवार को घर से निकले थे। अमीरे ने बताया कि उन लोगों को जाते समय बोला था कि नदी में संभलकर नहाएं। हादसे से उनके परिवार पर कलंक लगा है। रिश्तेदारों का सामना करने की उनमें हिम्मत नहीं बची है। डूबने वाले हुसैनगंज कस्बे के मो. सैफ और फैजान चचेरे भाई हैं। दोनों के पिता सगे भाई हैं। एक परिवार में दो मौतों से कोहराम मच गया।
दोनों एक साथ ही रहते थे। काम पर पर एक साथ आते-जाते थे। सैफ की मां खुशनुदा बदहवास दिखी। वह दो भाइयों शोएब, जुबैर में सबसे छोटा था। सैफ के पिता असलम भी मजदूरी करते हैं। अमीरे दोनों के रिश्ते में मौसा लगते हैं। वहीं फैजान की मां मोबीना का बेसुध रही। फैजान भाइयों इमरान, अशरफ, नूर अहमद में तीसरे नंबर का था। उसकी एक बहन जरीना है। अल्लीपुर बहेरा गांव की जैनब की मौत से उसकी मां मुस्तरी बेगम बेहाल दिखी। जैनब दो भाइयों नाजिम, शाहिद में अकेली थी। वह फुफेरी बहन की शादी में पिता के साथ मुंबई से रविवार को
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आई थी।
घर में एक दिन रुकने के बाद शादी में चली आई थी। परिवार मुंबई में ही रहता है। सोफिया की मौत से उसकी मां इस्लामुन निशां बदहवास हो गई। सोफिया का एक भाई मोहम्मद वसीम और चार बहनें गौसिया बानो, रुखसार, सानिया, अल्फिया हैं। वह बहनों में दूसरे नंबर की थी। वह भाई वसीम के साथ बरात में आई थी। वसीम अमीरे के पुत्र का करीबी मित्र है। इसी वजह से बहन को लेकर शादी में आया था।
मातिनपुर गांव में दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। डूबने की खबर मिलते ही पूरे गांव के लोग नदी की ओर दौड़े पड़े। तैराकों ने भी बिना समय गंवाएं नदी में छलांग लगा दी। कुछ गांव के लोग जाल बिछाने लगे। आनन-फानन तीन लोगों को निकाल कर जान बचा ली। पहले डूबने वालों को नहीं बचा पाने का दुख भी लोगों में दिखा। डूबने वालों को बचाने में संतू निषाद, फजरूल रहमान, नियाज, हरी निषाद, अब्दुल सलाम, सुरेश पासवान, चंद्रभवन, रामऔतार निषाद प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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