चारपाई में लादकर मरीज शिवकली को ले जाते परिजन। संवाद
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फतेहपुर। गांवों के संपर्क मार्गों को पक्का कर मुख्य सड़क से जोड़ने का सरकार का दावा फेल साबित हो रहा है। बारिश के दिनों में यमुना तिरहार के गांवों में संपर्क मार्ग दुर्दशाग्रस्त होने से इमरजेंसी में अभी भी एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही हैं। एक ऐसे ही वाकए ने व्यवस्था की पोल खोल दी। एंबुलेंस चालक के लाचारी जताने पर परिजन महिला मरीज को चारपाई पर लिटाकर सात किमी दूर पक्के रास्ते तक लेकर आए। यहां से मरीज को एंबुलेंस से जिला अस्पताल तक पहुंचाया गया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
असोथर क्षेत्र के सरकंडी ग्राम पंचायत के मजरा बब्बू का डेरा में बेटन की पत्नी शिवकली कुछ दिन पहले जंगल जाते समय कीचड़ में गिर गई थी। शिवकली गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस को फोन करके बुलाया। थोड़ी देर एंबुलेंस चालक का परिजनों के पास फोन आया कि सात किमी पहले पक्की सड़क (असोथर मार्ग) से आगे नहीं जा सकते हैं।
कच्चे रास्ते में बारिश से दलदल बना हुआ है। इस पर मजबूर परिजनों ने शिवकली को चारपाई लिटा लिया और कच्चे रास्ते व दलदल से होकर सात किमी ले गए। यहां से मरीज को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। वायरल वीडियो में परिजनों की हड़बड़ाहट इस तरह दिख रही है कि मानो एंबुुलेंस कहीं छोड़कर चली न जाए। सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि बारिश के कारण कई जगह दलदल में एंबुलेंस फंस जाती है, इसलिए सड़क तक मरीज को बुलाया गया होगा। प्रकरण की उन्हें सूचना नहीं मिली है।