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गोकशी प्रकरण में खखरेरू प्रभारी निरीक्षक लाइन हाजिर

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फतेहपुर। खखरेरू थानाक्षेत्र के पौली गांव में गोकशी के मामले में प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया। यह कार्रवाई सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने की है। वहीं, पांच उपनिरीक्षकों की भी गश्ती जारी की गई है।
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खखरेरू थानाक्षेत्र के पौली गांव में नौ सितंबर की रात गोकशी की घटना हुई थी। आरोपियों को छोड़ने का आरोप पुलिस पर लगा था। इसके बाद दो उप निरीक्षकों समेत चार पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था। मामले में प्रभारी निरीक्षक पर जांच बैठाई गई थी। सीओ सिटी संजय सिंह से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खखरेरू के प्रभारी निरीक्षक दीप नारायण सरोज को बुधवार को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। उनके खिलाफ जांच प्रचलित है।
उधर, हथगाम थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह को कार्यमुक्त किया गया है। उनकी जगह पर मझिलगांव चौकी प्रभारी अश्विनी कुमार सिंह थानाध्यक्ष बने हैं। वहीं, आबूनगर चौकी इंचार्ज विद्या प्रकाश सिंह को चौकी प्रभारी छिवलहा, छिवलहा चौकी प्रभारी बृजेश कुमार सिंह को सदर कोतवाली, कोतवाली से विकास सिंह को चौकी प्रभारी आबूनगर, पुलिस लाइन से प्रवीण कुमार सिंह को मझीलगांव चौकी प्रभारी और कमला शंकर यादव को थाना थरियांव भेजा गया है।
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राधानगर चौकी प्रभारी रहे प्रवीण कुमार सिंह को 10 दिन पहले कोर्ट के आदेश पर लाइन हाजिर किया था। अब उन्हें जारी गश्ती में फिर से तैनाती मिल गई है। ऐसे में कई सवाल खड़े हुए हैं। मलाईदार चौकी राधानगर में उनकी तमाम शिकायतों के बावजूद लंबी तैनाती रही है। तैनाती के दौरान एक अधिकारी के बेहद करीब रहे हैं। उनकी कृपा से ही लाइन हाजिर होने के चंद दिनों में ही नई तैनाती मिल गई। जबकि कोर्ट ने कड़ी कार्रवाई के लिए दरोगा के खिलाफ डीजीपी और एसपी को पत्र लिखा था। इसके बावजूद चंद दिनों में ही दरोगा ने तैनाती पाई है।
पौली गांव में नौ सितंबर की रात हुई गोकशी की घटना के एक आरोपी के पैरोकार और पुलिस के करीबी एक जनप्रतिनिधि के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है। जनप्रतिनिधि से दो दिन पहले पकड़े आरोपी गए शमीम को जेल भेजने के मामले में बातचीत हुई है। शमीम के पैरोकार ने 40 हजार देने के बाद भी मामला रफा-दफा न होने की बात कही है। तभी शमीम का पैरोकार जनप्रतिनिधि से रुपये लौटाने की बात कह रहा है।
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