An interesting story of samajwadi party symbol bicycle
तीन विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित न होने पर सपा में अभी तक असमंजस है। कांग्रेस गठबंधन के बाद खागा, बिंदकी और हुसैनगंज प्रत्याशियों की संशोधित सूची न आने से यह स्थिति हुई है। इसी वजह से सपा के पहले घोषित प्रत्याशियों ने लखनऊ में डेरा डाल रखा है। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सपा का चुनाव प्रचार लगभग ठप पड़ा है।
सपा हाईकमान ने पहले से जहानाबाद से विधायक मदन गोपाल वर्मा, बिंदकी से शिवपाल गुट से अमरजीत सिंह जनसेवक और सीएम गुट से सुरेंद्र सिंह यादव, अयाह शाह से अयोध्या प्रसाद पाल, सदर से चंद्रप्रकाश लोधी, खागा से विनोद पासवान, हुसैनगंज से मो. सफीर को प्रत्याशी घोषित किया था। हाईकमान में समझौता होने के बाद जहानाबाद, अयाह शाह, सदर विधानसभा सीटों पर पुराने प्रत्याशियों को हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक हुसैनगंज, खागा और बिंदकी की संशोधित अधिकृत सूची जारी नहीं हुई है। ऐसे में इन तीनों सीटों पर सपा की चुनावी गतिविधियां शांत हैं।
प्रत्याशियों को आशंका है कि कहीं उनकी सीट कांग्रेस गठबंधन में न चली जाए। ऐसी हालत में इन प्रत्याशियों के सामने फिलहाल अपनी सीट बचाने की चुनौती है। इसी लिए इन प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार छोड़ लखनऊ में अपने आकाओं के यहां डेरा डाल रखा है। सपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा करना हाईकमान का काम है। हाईकमान कांग्रेस को जो भी सीट देगा। वहां के प्रत्याशी को पार्टी तनमन धन से सहयोग कर चुनाव लड़ाएगी।