बहुआ (फतेहपुर)। विकास खंड बहुआ की ग्राम पंचायत रामपुर बरवट में शौचालय निर्माण के नाम पर घोटाला सामने आया है। जांच टीम को 8 लाख 46 हजार के गबन का पता चला है। डीएम के निर्देश पर बहुआ ब्लाक के प्रभारी एडीओ पंचायत अनूप सिंह ने पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व उसके पति समेत 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में अनूप सिंह ने बताया कि सात जुलाई 2021 को बरवट गांव निवासी संतोष सिंह व अन्य ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर रोजगार सेविका सारिका सिंह तोमर पत्नी पंकज सिंह निवासी बरवट द्वारा ग्राम निधि खाता-6 से अवैध व फर्जी ढंग से रुपये निकालने की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए सीडीओ ने 15 जुलाई को
जांच समिति का गठन किया था। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी योगेंद्र सिंह यादव, जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह व सहायक अभियंता डीआरडीए राजेश अग्रवाल की टीम ने गांव जाकर शौचालयों की जांच की। मौके पर तत्कालीन (अब पूर्व) ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार सोनकर को बुलाया लेकिन वह जांच टीम के सामने नहीं पहुंचे। टीम ने पंचायत सचिव को भी तलब कर सवाल जवाब किया, लेकिन पंचायत सचिव रमेश चंद्र गिहार (वर्तमान में निलंबित है) जवाब नहीं दे सके थे।
30 जुलाई 2021 को टीम ने रामपुर बरवट गांव में शौचालयों के निर्माण में धनराशि के दुरुपयोग की रिपोर्ट दी। ग्राम पंचायत रामपुर बरवट ग्राम निधि के खाते में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत 536 शौचालयों के निर्माण की 64 लाख 32 हजार की धनराशि मिली थी, इसका 54 हजार ब्याज भी था। तत्कालीन
प्रधान व पंचायत सचिव ने चार जुलाई 2018 से लेकर 15 फरवरी 2020 तक कुल 105 चेकों के माध्यम से 8 लाख 46 हजार रुपये का गबन किया गया। इसमें नौ और लोग भी शामिल रहे। तत्कालीन ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार सोनकर और पंचायत सचिव रमेश चंद्र गिहार से मिलकर रोजगार सेविका सारिका सिंह तोमर ने 48 हजार, पति पंकज सिंह तोमर (कीर्तिमान सिंह) ने तीन लाख 41 हजार, दिलीप सिंह ने एक लाख 56 हजार, लायक
सिंह ने 24 हजार, अरविंद सिंह ने 36 हजार, प्रदीप कुमार ने 36 हजार, ननकू ने 25 हजार, गुफरान सिद्दीकी ने एक लाख 20 हजार, पप्पू ने 60 हजार समेत कुल 8 लाख 46 हजार रुपये का गबन किया। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सभी लोगों के साथ मिलकर उक्त धनराशि का गबन किया है। कार्यवाहक थानाध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह यादव ने बताया कि विकास खंड बहुआ के एडीओ पंचायत अनूप सिंह की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
रोजगार सेविका, पति व वर्तमान प्रधान सास पर 2 माह पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
घोटाले में आरोपी रोजगार सेविका सारिका सिंह तोमर, उसके पति पंकज सिंह उर्फ कीर्तिमान सिंह तोमर व सास (वर्तमान प्रधान) सुमित्रा सिंह पत्नी समर सिंह के खिलाफ दो माह पहले भी एक मुकदमा एडीओ पंचायत अनूप सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। रोजगार सेविका सारिका सिंह तोमर उसके पति पंकज सिंह तोमर व सास वर्तमान ग्राम प्रधान सुमित्रा सिंह ने गांव में रास्ते की पुराई मनरेगा के तहत मजदूरों से न कराकर जेसीबी से करवाई थी। रकम हड़पने की नीयत से दूसरे कार्यस्थल की फोटो लगाकर पत्रावली प्रस्तुत की थी। एडीओ पंचायत अनूप सिंह ने 28 जून 2021 को ललौली थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना चल रही है।