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अब हर रोज एक-एक गोल्डन कार्ड बनवाएगी आशा

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फतेहपुर। आयुष्मान योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्ड हर एक लाभार्थी के हाथ तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई मुहिम शुरू की है। जिले की 2226 आशाओं को रोजाना एक लाभार्थी का गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है। विभाग ने आयुष्मान भारत योजना की धीमी प्रगति को देखते हुए यह फैसला लिया है। इस मुहिम के लिए मॉनीटरिंग भी तय की गई है। प्रत्येक आशा को गोल्डन कार्ड बनाने की रिपोर्ट प्रमाण के साथ प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट ब्लॉक स्तर से होते हुए मुख्यालय पहुंचेगी।
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जिले में मौजूदा वक्त 2226 आशा बहू तैनात हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर 22 आशा संगिनी तैनात हैं। 30 रुपये के इलाज में सालाना पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज कराने की सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना के तहत दो लाख आठ हजार परिवारों को गोल्डन कार्ड का लाभ दिया जाना है। एक परिवार में चार से पांच गोल्डन कार्ड बनवाए जा सकते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो दस लाख के आसपास गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। चूंकि योजना आए ढाई साल से ज्यादा का वक्त गुजरने के बावजूद अभी तक एक लाख 24 हजार 790 गोल्डन कार्ड ही बनाए जा सके हैं। इसी गैप को कम करने को स्वास्थ्य विभाग ने आशाओं पर उम्मीदों के दांव लगाए हैं। यही वजह है कि आशा बहुओं को रोजाना एक-एक गोल्डन कार्ड बनवाने में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अगर लिए गए निर्णय पर अमल होता है तो फिर जिले में रेंगती आयुष्मान भारत योजना को तेजी मिलना तय हैं।
इस तरह से ब्लॉक देेंगे रिपोर्ट
ब्लॉकवार दैनिक रिपोर्ट प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है। जिसमें आशा बहू के काम की आख्या देनी है। इस प्रोफार्मा में गांव का नाम, लाभार्थी का नाम, लाभार्थी का मोबाइल नंबर, आशा का नाम, आशा का मोबाइल नंबर, वीएलई का नाम, वीएलई का मोबाइल नंबर व गोल्डन कार्ड की संख्या दर्ज करनी है।
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जिम्मेदार बोले
लिया गया फैसला अच्छे परिणाम देने की कूबत रखता है। चूंकि आशा बहू को गांव का हर व्यक्ति जानता है। ऐसे में इनके स्तर से मिलने वाला सहयोग गोल्डन कार्ड की रफ्तार बढ़ाने में यकीनन सहायक होगा।
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- डॉ. संजय कुमार, नोडल अफसर, आयुष्मान भारत योजना
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