फोटो-19-संतोष दुबे। सोशल मीडिया
- फोटो : बाघ की दहशत में कार्य कर रहे श्रमिक।
फतेहपुर। सरकंडी गांव में 17 दिसंबर को विकास कार्यों की अनियमितता की जांच के दौरान हुए बवाल में भागे चल रहे प्रधान के पति संतोष द्विवेदी की गिरफ्तारी में हाईकोर्ट इलाहाबाद ने रोक लगा दी है। संतोष को 16 फरवरी तक के लिए राहत मिली है।
असोथर थाने के सरकंडी गांव में 17 दिसंबर को वित्तीय अनियमितता की जांच करने टीम गई थी। इस दौरान ही प्रधान पुष्पा देवी के पति संतोष द्विवेदी और शिकायतकर्ता इंद्रेश तिवारी के बीच जमकर लाठियां और धारदार हथियार चले थे। हमले में कई लोग घायल हुए।
दोनों पक्ष से करीब 46 लोग नामजद हैं। प्रधान पक्ष के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई गई थी। प्रधान पुष्पा देवी के पति संतोष द्विवेदी समेत कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
एसपी अनूप सिंह ने शनिवार को प्रधान की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम 28 दिसंबर को घोषित किया है। प्रधान के पति ने हाईकोर्ट इलाहाबाद की शरण ली। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की। मामले को सुनने योग्य मानकर अपील स्वीकार की।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाकर 16 फरवरी अगली सुनवाई की तारीख दी है। पुलिस की ओर से तारीख में अपना पक्ष रखा जाएगा। इसकी याचिका प्रधान पुष्पा देवी की ओर से दाखिल की गई थी। उन्होंने ने पति को चुनावी रंजिश में फसाने की बात कही थी। थानाध्यक्ष धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गिरफ्तारी की रोक के बारे में पता लगा है। फिलहाल उन्हें आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।