विकास खंड में सफाई कर्मी बेलगाम हैं। गांव में गंदगी का अंबार लगा है। गलियों की सफाई करने के बजाए सफाई कर्मी घरों में बैठे हैं। आलम यह है कि मोहल्लेवासी खुद ही फावड़ा हाथों में उठाकर सफाई करने के लिए मजबूर हैं।
हंसवा कस्बे के मीर सदन मुहल्ला में कई माह से झाड़ू नहीं लगी है।
नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। मोहम्मद अनीस, कासिफ, रानू, फैजान आदि लोगों ने खुद सफाई का जिम्मा उठाया और नालियों की गंदगी दूर की। मोहल्लेवासियों ने बताया कि नियुक्त सफाई कर्मी कभी भी मुहल्ले में झाड़ू नहीं लगाता है।
ऐसे में घरों का पानी नाली व सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हम लोगों को स्वयं सफाई करनी पड़ रही है। सफाई कर्मी एक भी दिन गांव में देखने तक नहीं गई, जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कर दूसरा सफाई कर्मी तैनात कराने की मांग की जाएगी।
शहजादेपुर एवं रमवां गांव में सफाई कर्मी के दर्शन दुर्लभ हैं। ग्रामीण हुस्सन सिंह, सूरज लोधी, इगलेश लोधी, रवी सिंह आदि लोगों ने बताया कि शहजादेपुर में सिल्ट और मिट्टी से नालियां विलुप्त हो गई हैं। घरों का गंदा पानी सड़कों में भरा रहता है, जिससे आएदिन लोग संक्रामक बीमारियों का शिकार होते हैं।
हंसवा के ग्रामीण नसीम, शकील, निहाल आदि ने बताया कि एडीओ पंचायत गया प्रसाद तिवारी सफाई कर्मियों पर लगाम कसने पर नाकाम हैं। नियमित निरीक्षण न होने से विकास खंड के अधिकतर गांवों में गंदगी फैली है। डीएम से मुलाकात कर शिकायत की जाएगी।
खंड विकास अधिकारी, हंसवा राजीव गुप्ता ने कहा कि सभी सफाई कर्मियों को निर्देशित किया गया था कि कार्यक्षेत्र में जाकर सफाई कार्य करें। कार्य में लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।’