फतेहपुर। संपत्ति की खातिर भाई ने चचेरे साले के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से वार करके बड़े भाई की हत्या की थी। पुलिस ने शनिवार को दो लोगों को गिरफ्तार करके किसान की हत्या का खुलासा कर दिया। आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, दो मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और 480 रुपये बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत न जेल भेज दिया है।
थाना क्षेत्र के इरादतपुर धामी गांव के बड़ी संझिया निवासी रामबरन सिंह यादव (52) अविवाहित थे। मित्र झल्लर यादव के घर से वह वारदात की रात करीब नौ बजे खेत में पानी लगाने नलकूप पर पहुंचे थे। उनका बुधवार सुबह नलकूप से 20 मीटर दूर खेत में रक्तरंजित शव मिला था।
पुलिस ने छोटे भाई शिवबरन और उसके चचेरे साले बलरामदास का पुरवा निवासी लाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कबूला कि भाई रामबरन की झल्लर यादव के परिवार से नजदीकी उसे पसंद नहीं थी। भाई संपत्ति में उसे हिस्सा भी नहीं देता था। उसे पता चला था कि भाई झल्लर यादव को संपत्ति का बैनामा करने वाला है। उसकी पत्नी व बच्चे ससुराल बलरामदासपुर में दो साल से रहते हैं। गांव में लोगों को बताता था कि वह गुजरात के सूरत में रहता है, जबकि शहर में सेल्समैन का काम करता है।
उसने लाल सिंह के साथ भाई की हत्या की योजना बनाई। वह लोग घटना की रात नलकूप में छिप गए। रामबरन नलकूप में पहुंचा। वह नलकूप का ताला खोल रहा था, तभी उसने पीछे से कुल्हाड़ी से हमला किया। हत्या के बाद वे शव को 20 मीटर दूर गहरे खेत के नाले में फेंककर भाग निकले थे। थानाध्यक्ष निकेत भरद्वाज ने बताया कि हत्यारोपी शिवबरन ने लाल सिंह को रुपयों व ठेकेदारी का लालच देकर भाई की हत्या में शामिल किया था। एएसपी विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है।