फतेहपुर। गाजीपुर थाना क्षेत्र के वलीपुर गांव में सड़क किनारे से मिले युवती के शव की पहचान 13 दिन बाद शुक्रवार को हो गई। आरोप है कि शादी के बहाने युवती को बुलाकर उसकी चार पहिया वाहन कुचलकर हत्या की गई थी। पुलिस हत्या कर शव गायब करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर है। 28 फरवरी को युवती के शव मिला था।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव निवासी कुंवर लाल निषाद उर्फ कतली ने गाजीपुर थाने में फोटो की मदद शव की पहचान बेटी अनीता देवी (27) के रूप में की। कुंवर लाल ने बताया कि बेटी करीब सात साल से सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर इलाके में रहती थी। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसकी घरवालों से 17 फरवरी की शाम बातचीत हुई थी। उसके बाद अनीता का मोबाइल नंबर बंद बता रहा था। अनीता के लापता होने की सूचना जहानाबाद थाने में दी गई थी।
वलीपुर गांव में एक युवती का शव मिलने की जानकारी पर वह शुक्रवार को गाजीपुर थाने पहुंचे। फोटो से शव की पहचान बेटी अनीता के रूप में की। कुंवर लाल ने बताया कि बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के गोखरही गांव निवासी अभिमन्यु सिंह से बेटी का प्रेम प्रसंग था। अभिमन्यु शादी का झांसा देकर अनीता को अपने साथ ले गया। इसके बाद चार पहिया वाहन से कुचल कर उसकी हत्या कर दी। अभिमन्यु सिंह मध्यप्रदेश में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। थानाध्यक्ष संगम लाल प्रजापति ने बताया कि अनीता के शव की पहचान हो गई है। हत्या कर शव गायब किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं।
करीब एक साल पहले अनीता और अभिमन्यु के बीच फेसबुक से दोस्ती हुई थी। कुछ दिनों बाद दोस्ती प्रेम प्रसंग में बदल गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि उनके बीच फेसबुक और व्हाट्सएप चैटिंग भी होती थी। वह कई बार एक दूसरे मिले भी थे। कुछ दिनों से अनीता अभिमन्यु पर शादी का दबाव बनाने लगी थी। इसी के चलते अभिमन्यु 17 फरवरी की शाम आबूनगर से युवती को ले गया और उसी रात हत्या कर दी।
अभिमन्यु ने हत्याकांड को हादसे का रूप देने की कोशिश की। उसने बड़ी ही सफाई युवती को चार पहिया वाहन से टक्कर मार दी। घटनास्थल पर पानी की एक बोतल भी फेंक दी। ताकि जाहिर हो सके कि युवती शौच के लिए जा रही होगी। उसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गई। अनीता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद पुलिस को शक है कि टक्कर मारने के बाद उसे रौंदा गया है। उस पर दोबारा भी वाहन को चढ़ाया गया है।
अनीता दो भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर की थी। चर्चा है कि जहानाबाद थाने में रहे एक सेवानिवृत्त दरोगा की अनीता करीबी रही है। करीब दो साल पहले वह दरोगा के साथ प्रयागराज गई थी। दरोगा के परिजनों के विरोध पर उसे अपने घल लौटना पड़ा था। उसके बाद थाने के एक सिपाही से उसकी नजदीकी हो गई थी। सिपाही की इन दिनों बांदा में तैनात होने की चर्चा है।