फतेहपुर। गंगा जमुनी तहजीब में पली जिले की बेटी मरियम सिद्दीकी पूरे देश के सामने सद्भाव की मिसाल है। गीता गर्ल के नाम से जानी जाने वाली मरियम को गीता कंठस्थ है। इसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सम्मानित कर चुके हैं।
मात्र 13 साल की उम्र में मरियम को श्रीमद्भगवत गीता के सभी श्लोक के साथ-साथ कुरान की आयतें कंठस्थ हैं। 2016 में उन्हें गीता गर्ल का खिताब मिला। जिले के हथगांम क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव की रहने वाली हैं। वे इस समय पुणे से एलएलबी कर रही हैं। वे बताती हैं कि सभी धर्म इंसानिय और नेकी का संदेश देते हैं। इसलिए हमें उनका अध्ययन करना चाहिए।
मरियम सिद्दीकी के गीता गर्ल बनने का सफर रोचक है। आठ साल की उम्र में मरियम ने अपने पिता आसिफ सिद्दीकी से पूछा कि अब्बू ये हिंदू क्या होते हैं। इस प्रश्न ने उनके पिता को सोचने पर मजबूर कर दिया। तब वे अपने घर गीता ले आए। गीता और कुरान दोनों ग्रंथ उसके सामने रख दिए। कहा कि बेटी इन दोनों को पढ़ोगी तो तुम्हें सवालों का जवाब मिल जाएगा। फिर क्या था मरियम ने उसी दिन से गीता पढ़ना शुरू कर दिया। मात्र 12 साल की आयु में उसे दोनों ग्रंथ कंठस्थ हो गए। वह संस्कृत के श्लोकों को धाराप्रवाह बोलने लगी। जो आजकल के लोग आसानी से नहीं पढ़ पाते हैं। साल 2015 में इस्कॉन ने श्रीमद्भागवत गीता को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें मरियम ने देश में पहला स्थान हासिल कर गीता गर्ल का खिताब पाया। मरियम उत्तरप्रदेश पुलिस चाइल्ड विंग गुडविल की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं।
फतेहपुर। मरियम कहती हैं कि गीता और कुरान दोनों एक ही बात सिखाते हैं कि कर्म करो और फल की इच्छा मत रखो। मरियम के अनुसार सभी धर्मों का संदेश इंसानियत और नेकी है। गीता व कुरान का संदेश फैलाकर सामाजिक सद्भाव कायम करना ही उनका उद्देश्य है। बताया कि एक बार लखनऊ भ्रमण के दौरान जब वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली तो उन्होंने पूछा था हम आपके लिए क्या कर सकते हैं तो मैंने कहा कि अयोध्या घूमना है। इसके बाद सीएम योगी ने उनके अयोध्या घूमने का इंतजाम किया और अवधी भाषा की एक रामायण भी भेंट की। जिसे आजकल मरियम पढ़ रही हैं। मरियम सिद्दीकी की लिखी गीता गर्ल नामक पुस्तक भी अमेजॉन व फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन उपलब्ध है। बताया कि इस पुस्तक का विमोचन पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन ने किया था। अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण, मीका सिंह व राहत इंदौरी समेत दर्जनों लोगों को वह यह पुस्तक दे चुकी हैं।
फतेहपुर। मरियम सिद्दीकी का कहना है कि वह राजनीति में आकर देश की सेवा करना चाहती हैं। एलएलबी करने का यही उद्देश्य है कि संविधान की समझ हो जाएगी।