बांदा-टांडा हाईवे पर शुक्रवार देर रात दो ट्रकों की भिड़ंत में एक ट्रक का डीजल टैंक फटने से आग लग गई। इस हादसे में दोनों ट्रकों के चालक व दो खलासी जिंदा जल गए। एक ट्रक का दूसरा चालक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया है। फायरब्रिगेड तीन घंटे बाद आग पर काबू पा सकी। इस दौरान करीब पांच घंटे यातायात ठप रहा। कई किलोमीटर दूर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र के सुजवापुर गांव के रामलखन वर्मा का बेटा प्रमोद (55) ट्रक पर मौरंग लादने के लिए बाराबंकी से बांदा जा रहा था। वह ट्रक का मुख्य चालक है। साथ में गांव का ही खलासी कल्लू राम का बेटा अमन (18) और सह चालक राजू कुमार (22) थे। राजू बाराबंकी जिले के सूपामऊ थाना आसंद्रा निवासी बेनीमाधव का पुत्र था। दूसरे मौरंग लदे ट्रक का चालक बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के रामपुर महासिंह निवासी पंचम का पुत्र केशव प्रसाद (28) था। उसके साथ खलासी रामनगर थाना क्षेत्र के बरियापुर गांव निवासी ममेरा भाई सोनी लाल (35) पुत्र रामजी लाल था। मौरंग लदा ट्रक बांदा से बाराबंकी जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ मार्ग पर चौफेरवा के पास रात करीब डेढ़ बजे ट्रकों की भिड़ंत हुई। पुलिस का अनुमान है कि खाली ट्रक के चालक को झपकी आने से ट्रक दायीं ओर चला गया और दूसरी ओर से आ रहे मौरंग लदे ट्रक के डीजल टैंक में जा घुसा। डीजल टैंक फटा और दोनों ट्रकाें में आग लग गई। घटना के वक्त प्रमोद सो रहा था। दुर्घटना के बाद वह किसी तरह बाहर निकल आया। दोनों ट्रकों के चालक व खलासी अंदर ही फं से रह गए।
सूचना पर पुलिस व फायरब्रिगेड पहुंची। करीब तीन घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक अमन, राजू कुमार, केशव प्रसाद और सोनी लाल की मौत हो चुकी थी। कोतवाल महेश पांडेय ने बताया कि चारों के परिजन शाम को पहुंचे हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए। जिला अस्पताल से प्रमोद को लखनऊ रेफर किया गया है।