जहानाबाद कांड की जांच दल में आए पूर्व आईपीएस डीआईजी राजेश राय ने कहा कि
मुस्लिम वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए जहानाबाद के दो मुस्लिम नेता
अक्सर बवाल कराते हैं।
पिछले साल सपा के पूर्व विधायक पुत्र आबिद अली ने
बवाल कराया था। इस बार पूर्व चेयरमैन अनवारुल हक के घर के पास हाते से
पथराव, फायरिंग कर बड़ा बवाल करा दिया गया।
यह बवाल ऐसे समय किया गया जब
जुलूस की पूंछ यानि एक बचा हिस्सा निकलना था। इस कांड में पुलिस व प्रशासन
की भूमिका सवालों के घेेरे में है। एक पक्ष के निर्दोष लोगों को जेल भेजने
का काम किया गया है।
बवाल कराने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई
नहीं हुई। सीबीसीआईडी की जांच हुए बिना निर्दोषों को न्याय नहीं मिल पाएगा।
दोषियाें को जेल भेजे बिना जहानाबाद का अमन चैन वापस नहीं लौट पाएगा।
पूर्व आईपीएस ने कहा कि डीएम व एसपी ने आकर स्थिति को नियंत्रित न कर लिया
होता तो हालात और खराब हो सकते थे। डीएम व एसपी को खुद इस कांड की जांच
सीबीसीआईडी से कराने की रिपोर्ट शासन को भेजनी चाहिए।