जहानाबाद बवाल की जांच करने आ रहे भाजपा नेता विनय
कटियार को चकेरी, कानपुर में रोक लेने पर भाजपाई भड़क उठे। भाजपाई छिवली
नदी हाईवे पर जांच दल का इंतजार कर रहे थे। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने
पहले से ही आशापुर डाक बंगला को छावनी बना रखा था। गुस्साए भाजपाइयों ने
नारेबाजी कर हाईवे पर रोड जाम कर दी। वाहनों की लंबी लाइन लगने पर अफसरों
ने भाजपाइयों को शांत कराकर आधा घंटे बाद यातायात बहाल कराया।
बता दें
कि भाजपा के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार, पूर्व आईएएस उमानाथ, पूर्व
आईपीएस राजेश राय, प्रदेश मंत्री समीर सिंह, सांसद साध्वी निरंजन ज्योति,
विधायक सदर विक्रम सिंह को जहानाबाद पहुंचकर अपनी रिपोर्ट तैयार करनी थी।
जांच दल को लेकर जहानाबाद में रात से ही माहौल गर्मा गया था।
पुलिस, आरएएफ,
पीएसी व खुफिया इकाइयां अलर्ट कर दी गईं थीं। डीएम राजीव रौतेला व एसपी
राजीव मल्होत्रा ने आशापुर डाक बंगला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया।
इधर, जांच दल का स्वागत करने के लिए सुबह ही भारी संख्या में भाजपा नेता व
कार्यकर्ता छिवली नदी पुल पर पहुंच गए, तभी खबर मिली कि भाजपा नेता विनय
कटियार को कानपुर पुलिस ने चकेरी में रोक लिया है, फिर उन्हें सर्किट हाउस
ले जाया गया है। यह सुनते ही भाजपाई भड़क उठे।
हंगामा होने लगा। एकतरफा
कार्रवाई की बात कहते हुए कहा गया कि शहर काजी जहानाबाद जा सकते हैं तो
भाजपा नेता विनय कटियार क्यों नहीं? पुलिस और प्रशासन के खिलाफ विरोधी
नारेबाजी की जाने लगी। अचानक भाजपाइयों ने पुल के पास हाईवे रोड को जाम कर
दिया। पुलिस से नोकझोंक हुई।
पहले तो पुलिस ने डंडा पटक कर भाजपाइयों को
खदेड़ा लेकिन संख्या बढ़ने पर नरम पड़ गए। आधा घंटे तक जाम लगा रहा। वाहनों
की करीब दो किलोमीटर तक लंबी कतार लग गई। बहुत समझाने पर भाजपाई माने और
जाम खत्म किया। खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दे दी थी कि विनय कटियार के
जहानाबाद पहुंचने पर बवाल भड़क सकता है।
इसी वजह से प्रशासन ने इन्हें हर
हाल में रोकने का मन बना लिया था। विरोध जताने वाले भाजपा नेताओं में
जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेई, पूर्वमंत्री राजेंद्र पटेल, पूर्व विधायक
रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह, अवधेश मिश्रा, मनोज शुक्ला, जयंती
सचान, अनिल त्यागी, रामजी गुप्ता, कालिका शुक्ला समेत कई नेता व कार्यकर्ता
मौजूद रहे।