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अकूत संपत्ति में पूर्व मंत्री व उनकी पत्नी पर एफआईआर

Sun, 07 Jan 2018 12:30 AM IST
अमर उजाला फतेहपुर
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अयोध्या प्रसाद पाल - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद बसपा शासनकाल में खेलकूद मंत्री रहे अयोध्या प्रसाद पाल के खिलाफ शनिवार को शहर कोतवाली में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है। एक एफआईआर पूर्व मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति बनाने की है। दूसरी एफआईआर पूर्व मंत्री व उनकी पत्नी देवकली पर प्रापर्टी खरीद-फरोख्त में सहभागिता का है।
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जिला की अयाह शाह विधानसभा सीट से बसपा से पांच बार अयोध्या प्रसाद पाल विधायक थे। बसपा शासनकाल में तोहफे के रूप में इन्हें खेलकूद मंत्रालय की कमान मिली थी। बसपा से टिकट कटने पर इस बार वह सपा से चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में शिकस्त मिली। उनके खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत हुई थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद मामला लंबित चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार हरकत में आई। इलाहाबाद विजलेंस टीम के निरीक्षक रामनिहोरे की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पाया गया है कि मंत्री शासनकाल में अयोध्या पाल के पास करीब दो करोड़ 98 लाख 200 रुपये की संपत्ति होनी चाहिए जिसके सापेक्ष जांच में आठ करोड़ 86 लाख 77 हजार की संपत्ति मिली। आय से अधिक संपत्ति बनाने के इस मामले में उनके खिलाफ रिपोर्ट की गई।

दूसरी एफआईआर में अयोध्या के साथ उनकी पत्नी देवकली शामिल हैं। देवकली के नाम पर भी प्रापर्टी खरीदी गई है। उस प्रापर्टी में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, भ्रष्टाचार के आरोप की रिपोर्ट है। कार्यवाहक कोतवाल इजहार अहमद ने बताया कि विजलेंस टीम की ओर रिपोर्ट हुई है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर आगे कार्रवाई होगी।
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पूर्व मंत्री के एक करीबी के नाम भी संपत्ति
फतेहपुर। सत्ता के वक्त पूर्व मंत्री के कई करीबी रहे हैं। उनमें एक करीबी का नाम तेजी से चर्चा में आया है। उनके नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति होने की खबर वायरल हुई है। उस संपत्ति को बचाने के चक्कर में पूर्व मंत्री को कई जतन करने पड़े थे।
पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल के करीबियों में कुछ ही नाम गिने चुने सामने आते है। वह सारे नामों को बहुतायत लोग जानते हैं। उनमें एक नाम ऐसा है जिसके नाम कई बड़ी संपत्ति पूर्व मंत्री ने खरीद डाली थी। मंत्री के वक्त का सिक्का पलटते ही करीबी भी पलटने लगे थे। इनमें एक करीबी के पास मौजूद करोड़ों की संपत्ति भी रही। हालांकि राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले पूर्व मंत्री ने किसी तरह से उस प्रापर्टी को बचा लिया। इस संपत्ति को लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है।

पूर्व मंत्री फर्श से अर्श तक पहुंचे
पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल को जमीनी स्तर से शुरू राजनीति ने बुलंदियों के मुकाम तक पहुंचाया है। ढाई दशक पहले प्रधान का चुनाव लड़े थे। उस चुनाव को हार भी गए थे। वह पेशे से एक भट्ठे में मुनीम का काम करते थे। बसपा से पहली बार हसवा सीट से विधायक बने थे। उनकी किस्मत का ऐसा सितारा चमका कि लगातार विधायक पद की ताजपोशी होती रही। एक बार मंत्री बनने का मौका मिला। उनकी संपत्ति में लगातार इस दौरान इजाफा होता चला गया।
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