फतेहपुर। चार साल बाद जेल से छूटकर आए नेपाल मूल के मौलाना के जुलूस निकालने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और भीड़ जुटाने का 25 लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मौलाना समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया और शांतिभंग के तहत 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग की। एसडीएम कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है।
नेपाल प्रांत महोत्री जिला गौसाला थाना क्षेत्र के सोनमा निवासी मौलाना फिरोज आलम गाजीपुर कस्बे की बड़ी मस्जिद का इमाम रहा है। नेपाल मूल का होना छिपाकर यहां का नागरिक बनने और पासपोर्ट जारी कराने के मामले में 2021 में मौलाना की गिरफ्तारी हुई थी। मौलाना के खिलाफ धर्म परिवर्तन का भी मामला दर्ज हुआ था। हाईकोर्ट इलाहाबाद से जमानत के बाद शुक्रवार को मौलाना जेल से छूटा। जेल से छूटने के बाद गाजीपुर कस्बे में आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया गया। आरोप है कि जंग जारी है, जंग रहेगी समेत मजहबी नारे लगाए गए। इसका वीडियो पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा। पुलिस ने रात को ही मौलाना समेत कई लोगों की धरपकड़ की। मौलाना व गाजीपुर कस्बे के अरबाज, नफीस, रसूल,हाकिम, आसिफ खान, साकिर, सहबान खान, साजिद खान, मिनहाज अहमद, आकाश, नूरबाबू, नईम खान, नूरआसिफ, चांदबाबू, सहनवाज, साजिद, वसीक खान और महमूद व छह अन्य के खिलाफ भीड़ जुटाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों में महमूद मूलरूप से प्रतापगढ़ जिला नवाबगंज थाने के मुरस्सापुर निवासी है। आरोपियों में नामजद मौलाना समेत 19 को एसडीएम कोर्ट भेजा गया है। एसडीएम प्रदीप रमन ने बताया कि सभी को जेल भेजा गया है।
-
मौलाना की देश की नागरिकता के दस्तावेज बनवाने वाले कार्रवाई से बचे
फतेहपुर। मस्जिद में धर्म परिवर्तन जैसे कृत्य करने के आरोपी मौलाना फिरोज आलम के पीछे कई सफेदपोश शामिल रहे हैं। उन लोगों की सहयोग से ही फिरोज आलम ने असली पहचान छिपाकर देश की कूटरचित तरीके से नागरिकता पाई थी। उसके भारतीय पासपोर्ट, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बैंक एकाउंट, ड्राइविंग लाइसेंस तक बनवाए थे। इसका खुलासा 2021 में मौलाना की गिरफ्तारी के दौरान हुआ था।
विदेशी मौलाना के भारतीय पासपोर्ट बनाने में स्थानीय दो परिचयदाता का नाम सामने आया था। उसे कई प्रभावशाली व्यक्तियों का संरक्षण भी प्राप्त था। इन परिचयदाता और संरक्षणदाताओं को विवेचकों से क्लीनचिट मिली है। जांच में विदेशी मौलाना के पासपोर्ट में उसका सत्यापन करने वाले एलआईयू के तत्कालीन दरोगा पर भी तलवार लटकी थी। पासपोर्ट की फाइल गायब होने की चर्चा आई। विवेचना दौरान एलआईयू के दरोगा और दो परिचयदाताओं का उल्लेख भी किया था। उन्हें नोटिस भी भेजा गया। मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बैंक खाता खुलवाने में भी एक गारंटर का जिक्र किया गया। उस पर कार्रवाई नहीं नहीं हो सकी। उसका परिचयतदाता और संरक्षण देने वाले धर्मपरिवर्तन के आरोपी उमर गौतम से जुड़े थे। वह भी संपर्क में था। मौलाना के खिलाफ पुलिस धर्म परिवर्तन के भी मजबूत साक्ष्य नहीं जुटा सकी।
इनसेट
मौलाना की सुबह बिगड़ी हालत
थाने में मौलाना की सुबह अचानक हालत बिगड़ गई। मौलाना को जेल भेजने का पता लगने पर उसके होश उड़ गए। उसका ब्लड प्रेशर कम होने लगा। उसे फौरन पुलिस सीएचसी ले गई और भर्ती कराया। संवाद