रोडवेज बस में टायर लागाते कर्मचारी। संवाद
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फतेहपुर। दो महीना से वर्कशॉप में बिना टायर के खड़ी बसें अब फर्राटा भरेंगी। अमर उजाला में 19 अक्तूबर को खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने समस्या को संज्ञान लिया और टायर आ गए। कर्मचारियों ने टायर लगाने का काम शुरू कर दिया है। जिस रूट की बसें थीं, उनमें जल्द संचालन शुरू हो जाएगा।
रोडवेज बसों में आगे के दोनों टायरों को 60 हजार किमी चलने के बाद बदलने का नियम है। फतेहपुर डिपो की 12 बसें ऐसी थी, जिनके टायर 60 हजार किमी के मानक को पूरा कर चुके हैं।
वर्कशॉप में इन बसों के टायर निकाल कर खड़ी करा दिया गया है। दो महीने से खड़ी बसों के रूट भी बंद हैं। खबर प्रकाशित होने के एक हफ्ते में टायरों और पार्ट्स की उपलब्धता डिपो को हो गई है।
छह बसों में टायर लगाकर रूटों पर संचालन भी शुरू हो गया है। वहीं छह बसों को दो दिन में चालू कराने के प्रयास में अधिकारी लगे हैं। एआरएम एमएल केशरवानी ने बताया कि टायर तो पर्याप्त मात्रा में मिल गए हैं, लेकिन पार्ट्स की उपलब्धता अभी डिमांड के अनुसार नहीं मिली है।
जो बसें दो महीने से बिना टायर के खड़ी थी, उनमें टायर तो लगा दिए गए हैं। साथ ही सर्विस का काम भी कराया जा रहा है। दो दिन में बसें रूटों पर चलने लगेंगी।
19 अक्टूबर को प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : FATEHPUR