फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के राधानगर में सोमवार शाम दुकानदार को तमंचे के बल पर कब्जे में लेकर घर में लूटपाट करने वालों का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। वारदात से दुकानदार का परिवार सहमा हुआ है।
राधानगर अंदौली पुलिया के पास मनोज सिंह की कापी-किताबों की दुकान है। दुकान से करीब 300 मीटर दूरी पर उनका घर है। मनोज सिंह की दुकान में सोमवार शाम दो नकाबपोश बदमाश आए।
उन्होंने मनोज को तमंचा लगाकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे घर ले गए। जहां एक बदमाश पहले से मौजूद था। तीनों बदमाश दुकानदार को लेकर घर में घुसे थे। मनोज सिंह ने बताया कि बदमाश पांच लाख रुपये की मांग कर रहे है।
उसने जब रुपये नहीं होने की बात कही। तो बदमाशों ने अलमारी का लॉकर खोलकर नकदी और जेवरात लूट लिए। दुकानदार ने 25 हजार नकद और तीन लाख के जेवरात लूटपाट की तहरीर दी है।
दुकानदार ने बताया कि वह लूटपाट के बाद घबराहट में पुलिस को दो लाख नकद और सात लाख के जेवरात चोरी होने की बात कह गया था। घटना के बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की है। लुटेरों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
घटना से दुकानदार और उनकी पत्नी गीता सिंह व दो बेटियां सहमे दिखीं। घटना के दौरान गीता बेहोश भी हो गई थी। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बदमाशों ने सुपारी मिलने की कही बात
दुकानदार मनोज सिंह ने बताया कि बदमाशों ने दुकान में पहुंचते ही पांच लाख में उनकी सुपारी मिलने की बात कही थी। उनके सामने ही तमंचा निकाला और गोली मारने की धमकी दी। जिससे वह घबरा गए, दुकान का शटर भी बंद नहीं किया था।
पड़ोस में दुकान मालिक को शटर बंद करने के लिए चाबी दूर से फेंक दी थी। एक बदमाश अपने साथी से मोबाइल पर बात करने लगा। उसे डराने के लिए उसकी पत्नी और बेटियों पर हमला न करने की साथी से बात कर रहे थे।
तीन साल पहले भी हो चुकी लूट
मनोज सिंह पहले शराब की दुकान के ठेकेदार थे। असोथर थाना क्षेत्र स्थित शराब दुकान से 2018 में वसूली करके लौट रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने हमला कर 35 हजार रुपये लूट लिए थे। जिसका पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। मनोज सिंह ने बताया कि उनकी कोई पुरानी रंजिश नहीं हैं।
डकैती, चोरी की वारदातों के खुलासे में पुलिस फेल
फतेहपुर। राधानगर चौकी क्षेत्र इलाके में लगातार डकैती और चोरियों की वारदातों के खुलासों में पुलिस नाकाम है। इन हालातों में दुकानदार को कब्जे में लेकर सरेशाम लूट की वारदात पुलिस के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। इसी वजह से पुलिस लूट की वारदात को संदिग्ध बताने में जुटी है। जबकि लूटपाट का बड़ा मामला सामने आया है।
राधानगर के कुल्फी मोहल्ला में सेवानिवृत्त शिक्षक बलबीर सिंह की हत्या कर डेढ़ लाख रुपये और 15 लाख के जेवरात बदमाश लूट ले गए थे। पुलिस दो माह बाद भी इस डकैती का खुलासा नहीं कर सकी है।
बल्कि इस मामले को हत्या और चोरी में तरमीम किया है। साफ तौर पर पुलिस ने धारा छोटी कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। 23 फरवरी को कृषि विभाग के कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद के घर से लाखों की चोरी हुई। पुलिस इसका भी खुलासा नहीं कर सकी। चौकी क्षेत्र में ऐसी कई चोरियों के मामले दफन पड़े हैं।