फतेहपुर। साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार हुए आठ लोगों के खाते में साइबर सेल की खासी मशक्कत के बाद 2.50 लाख रुपये वापस लौटे हैं।
शहर के दुर्गा नगर कालोनी निवासी उदयभान सिंह यादव के एसबीआई क्रेडिट कार्ड एक्टिव किए जाने के नाम पर साइबर अपराधियों ने 95 हजार 991 रुपये निकाल लिए थे। उन्हें 68 हजार 889 रुपये वापस कराए गए हैं।
जहानाबाद के पनेरुवा निवासी अनिल कुमार के खाते सात फरवरी एसबीआई क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसमें 50 हजार 500 रुपये बैंक में वापस कराए हैं।
गाजीपुर के राधानगर निवासी अर्जुन सिंह ने 16 फरवरी को इंटरनेट पर एसबीआई कस्टमर केयर का नंबर खोजकर कॉल की। तो एनीडेस्क साफ्टवेयर लोड कराकर अपराधियों ने खाते से 41 हजार 486 रुपये निकाल लिए। यह पूरा पैसा वापस कराया गया है।
थरियांव थाने के रमवां गांव निवासी वीरेंद्र कुमार ने 22 फरवरी 2022 को एटीएम कार्ड चालू कराने के लिए गूगल पर एसबीआई का कस्टमर केयर नंबर सर्च करके कॉल किया। साइबर अपराधी ने एनी डेस्क साफ्टवेय़र लोड कराने उनके खाते से 29 हजार 888 रुपये निकाल लिए। यह पूरा पैसा वापस कराया गया है।
इसी प्रकार 21 जनवरी को प्रयागदासपुर निवासी लवकुश सिंह के खाते से फोन पे पर कैशबैक देने के नाम पर तीन लाख रुपये निकल गए। जिसमें 19 हजार 326 रुपये बैंक खाते में वापस हुए।
हथगाम थाने के दरियापुर निवासी सालेहा परवीन के पास 31 जनवरी को फोन आया। जिसमें कोविड वैक्सीन रिफंड देने के नाम पर उनके खाते से 29 हजार 38 हजार रुपये निकाल गए। इसमें 19001 रुपये बैंक खाते में वापस कराए गए हैं।
ओंकार नगर निवासी बृजेश कुमार शुक्ला की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर 16 फरवरी को 30 हजार रुपये निकाल लिए थे। उनके 10 हजार रुपये वापस कराए गए हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर निवासी जयपाल साहू के खाता का केवाईसी अपडेट के नाम पर कॉल करके अपराधियों ने एनीडेस्क एप लोड कराया। इसके बाद उनके एसबीआई बैंक खाते से 19 हजार 600 सौ रुपये निकाल गए।
उनके खाते में 10 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। साइबर सेल प्रभारी शिव कुमार यादव ने बताया कि फ्राड का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दे।