बहुआ। चार दिन की बारिश ने बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे का कचूमर निकल दिया है। हाईवे पर सफर करते समय कच्चे रास्ते का अहसास होता है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से स्टेट हाईवे में दलदल बना हुआ है। करीब 14 किमी के सफर में लोगों को पौन घंटे का समय लगता है।
बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे में मौरंग, गिट्टी ढुलाई करने वाले ओवरलोड वाहन रात-दिन निकलते हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, विकास नगर, किदवई नगर की 25-30 रोडवेज बसें चलती हैं। इस गड्ढायुक्त हाईवे में यात्रियों को हिचकोले भरा सफर तय करना पड़ता है।
ललौली से जोनिहां तक सड़क पूरी तरह से गड्ढों में बदल गई है। इस 14 किमी के सफर में यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। अक्सर मौरंग व गिट्टी के लोड ट्रक गड्ढों में फंस जाते हैं और यात्रियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
इस बीच में ललौली कस्बा, बंधवा, महाखेड़ा, अजमतपुर, खुरमानगर और शिवरी गांव पड़ते हैं। वाहनों के निकलने पर सड़क किनारे बने घरों तक कीचड़ और गिट्टियां छिटक कर पहुंचती हैं। घर के लोगों को दरवाजे पर बैठना मुश्किल है।
ललौली कस्बा निवासी फखरुदीन अली ने बताया कि ललौली से कानपुर जाने में चौडगरा हाईवे तक जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। बाइक सवार हमेशा सड़क के गड्ढों में फिसल कर गिरते हैं।
पथरी गांव निवासी रावेंद्र निषाद ने बताया कि सरकार ने स्टेट हाईवे का दर्जा तो दे दिया है, लेकिन सुविधा गांव के लिंक रोड से भी बदतर है। अढ़ावल गांव निवासी श्रीकांत भोजवाल ने बताया कि चार दिन की बारिश में सड़क का कचूमर निकल गया है। बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का भरा पानी कीचड़ हो गया है।
बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे पर मौरंग और गिट्टी के ओवरलोड वाहन चलते हैं। इस कारण से सड़क जल्दी खराब हो जाती है। बीच-बीच में सड़क की मरम्मत का काम कराया जाता है। बारिश से सड़क खराब हुई है। जल्द ही सही करा दी जाएगी। - सुनील दत्त, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-2