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टीईटी परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट बाद स्थगित

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जीआईसी केंद्र से परीक्षा निरस्त होने के बाद बाहर निकालते अभ्यार्थी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। टीईटी 2021 प्राथमिक स्तर की परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट बाद स्थगित हो गई। परीक्षा स्थगित होने की सूचना केंद्रों में आते ही अफरा तफरी का माहौल बन गया।
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परीक्षा कक्षों में प्रश्नपत्र रोककर वापस करने का आदेश जारी होते हुए अभ्यर्थी शोर-शराबा करने लगे। सभी केंद्रों में पुलिस सुरक्षा पहले से और मजबूत कर दी गई। एक-एक परीक्षा कक्ष से अभ्यर्थी केंद्रों से बाहर निकाला गया। ऐसे में परीक्षा देने वाले 16780 अभ्यर्थी निराश होकर बैरंग लौट गए।
टीईटी के लिए 24 केंद्र बने थे। सुबह सात बजे से सब कुछ ठीक चल रहा था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला कोषागार के डबल लॉक से प्रश्नपत्र निकाले गए।
केंद्रों में स्टेटिक मजिस्ट्रेट पहुंच गए। पुलिस सुरक्षा में प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र ले जाए गए। तय समय के अनुसार अभ्यर्थियों को 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
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9.45 बजे सभी अभ्यर्थियों की सघन तलाशी लेकर परीक्षा कक्षों में बैठाया गया। ठीक 10 बजे प्रश्नपत्र बांटे गए और परीक्षा शुरू हो गई। 10.45 बजे अचानक परीक्षा नियामक का आदेश परीक्षा स्थगित करने का जारी हो गया।
परीक्षा स्थगित होने की सूचना पर सभी केंद्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परीक्षा कक्षों में अभ्यर्थियों ने शोरगुल मचाया, लेकिन केंद्र व्यवस्थापकों ने एक-एक अभ्यर्थी के ओएमआर सीट जमा कराने के बाद उन्हें बाहर जाने दिया।
एक कमरे के अभ्यर्थी गेट के बाहर निकलने के बाद दूसरे कक्ष के अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया। पहली पाली में 10065 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे।
केंद्र के बाहर से लौटे अभ्यर्थी
उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दूसरी पाली में दोपहर 2.30 बजे से शुरू होनी थी। 16 केंद्रों में होने वाली दूसरी पाली की परीक्षा में 6715 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा निरस्त होने की सूचना के बावजूद ज्यादातर अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंचे, लेकिन सूचना चस्पा देखकर लौट गए।
शहर के रहने वाले अनुपम सिंह उदास मन से जीआईसी परीक्षा केंद्र से बाहर निकले। बताया कि पुलिस सब इंसपेक्टर की भी परीक्षा थी। वह परीक्षा छोड़कर टीईटी में शामिल हुए, लेकिन बीच में ही परीक्षा स्थगित हो गई। इससे शासन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है।
मौहार गांव निवासी रुचि सिंह ने बताया कि उन्हें तीन महीने पहले आपरेशन के बच्ची पैदा हुई है। दुधमुंही बच्ची को छोड़कर टीईटी की तैयारी की। उसे घर में छोड़कर परीक्षा देने आई। प्रश्नपत्र भी सही था, लेकिन बीच में परीक्षा स्थगित होने से निराशा हुई है।
बसों में रही अभ्यर्थियों की भरमार, सीट के लिए मारामारी
फतेहपुर। जिले के कोने-कोने से अभ्यर्थियों के आने के कारण बसों में भरमार हो गई। सहालग का समय और ऊपर से टीईटी परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ जाने से आम यात्रियों को एक अदद सीट के लिए मारामारी करनी पड़ी।
बस स्टाप में भयंकर भीड़ रही और बसो में ये आलम रहा कि सीट मिलना तो दूर यात्रियों के खड़े होने तक की जगह नहीं रही। कई यात्रियों ने सीट मिलने के इंतजार में एक के बाद एक कई बसें भी छोड़ दीं लेकिन सीट उन्हें फिर भी नहीं मिलीं।
तो कई बसें कानपुर और प्रयागराज के रूट से ही इतनी भरी हुई आईं कि कंडक्टरों ने पहले से मौजूद सवारियों को उतारने के बाद दूसरी सवारी ही नहीं ली। कई बसों के कंडक्टरों ने दरवाजे ही नहीं खोले।
एआरएम एमएल केशरवानी ने बताया कि सहालग और परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ जाने की वजह से ऐसा हुआ। मगर किसी भी रूट पर बसों की संख्या कम नहीं होने दी गई। जिससे आवागमन सुचारु रूप से संचालित होता रहा।

अनुपम सिंह। संवाद- फोटो : FATEHPUR

रूची सिंह। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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