औंग। कानपुर हाईवे पर मुआवजे के बाद चिह्नित निर्माण न हटाने पर प्रशासन ने कड़ाई की है। गुरुवार को पोकलैंड से चिह्नित स्थान तक मकान और दुकानें ढहा दिए गए।
एसडीएम बिंदकी अवधेश कुमार निगम और एनएचआई के मैनेजर पवन सिंह की मौजूदगी में अभियान चला। औंग में कुछ लोगों ने मुआवजा लेने के बाद कोर्ट में वाद दाखिल कर रखा है। इनके साथ कुछ अन्य लोगों ने भी अतिक्रमण नहीं हटाया था।
गुरुवार को एसडीएम बिंदकी अवधेश कुमार निगम, तहसीलदार सर्वेश कुमार गौर, नायब तहसीलदार घनेंद्रपाल सिंह, लेखपाल अभिषेक शिवहरे, सीओ बिंदकी योगेंद्र मलिक, कल्याणपुर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध, बकेवर थानाध्यक्ष संगम लाल प्रजापति, औंग इंस्पेक्टर शेर सिंह राजपूत सुबह से ही अतिक्रमण हटवाने पहुंच गए।
सुबह 10 बजे दो पोकलैंड और एक जेसीबी से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चला। एनएचएआई ने मलबा लोड करने के लिए डंपर भी लगा रखे थे।
एनएचआई मैनेजर पवन सिंह ने बताया शुक्रवार सुबह तक मलबा हटा दिया जाएगा। जल्द ही सर्विस रोड का निर्माण होगा। दोनों तरफ सर्विस रोड निर्माण के बाद ही ओवरब्रिज निर्माण संभव होगा। जनवरी से फरवरी 2022 के मध्य ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करना है।
वीरान हो गया औंग का बाजार
हाईवे किनारे के मकान, दुकान ध्वस्त होने से कस्बा वीरान हो गया। इस तरह से पूरा बाजार खत्म हो गया। पुलिस और अधिकारी पूरे समय तक डटे रहे। हाईवे पर यातायात रोक-रोकर खोला गया।
इनके गिराए गए निर्माण
महेश विश्वकर्मा, अमित कुमार, आशाराम आर्य, रामकिशोर पांडेय, सतीश अवस्थी, सुनील अवस्थी, समर पेड़ा, वीरेंद्र पटेल, कुरैशा बेगम, राहुल गुप्ता, पिंटू सोनी, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र पटेल, रामजी गुप्ता, छुन्ना पंडित, राजेंद्र शिवहरे, रवीशंकर अवस्थी, मुकेश शिवहरे, सतीश शिवहरे, श्यामशरण, श्रवण शिवहरे