डीआईओएस कार्यालय में रविवार को वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करते लिपिक। संवाद
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फतेहपुर। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को दिवाली से पहले वेतन देने के नाम पर मजाक किया गया है।
चार महीने के बकाया का भुगतान करने के बजाय सिर्फ जुलाई माह का वेतन दिया गया है। उधर, एमडीएम की रसोइयों को चार महीने का मानदेय रविवार को दफ्तर खोलकर बैंक खाते में भेजा गया।
रविवार 24 अक्तूबर के अंक में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के शिक्षक और एमडीएम की रसोइयों के वेतन भुगतान न होने की खबर अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।
इसके बाद डीआईओएस कार्यालय में रविवार को इन कर्मियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बताया कि सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है।
चार महीने का वेतन बकाया है, लेकिन सिर्फ एक महीने का भुगतान किया है। इस धनराशि से सिर्फ त्योहार ही हो पाएगा। अन्य सभी खर्चे बाधित रहेंगे।
मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण की 5900 रसोइयों का मानदेय रविवार को लेखाधिकारी बेसिक विनय कुमार ने रसोइयों के खाते में भेज दिया। प्रत्येक रसोइयां के खाते में 6000 रुपये पहुंच गए हैं।
इससे रसोइयों की दिवाली धूमधाम से मनेगी। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रमसा के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सिर्फ जुलाई महीने का वेतन दिया गया है।
डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित ने बताया कि सभी रसोइयों के बैंक खाते में चार महीने का मानदेय भेजा जा चुका है।