बिंदकी। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए गौसपुर गांव में लगाया गया प्रदेश का पहला पुष्टाहार प्लांट बिजली की समस्या से लगभग ठप पड़ा है।
प्लांट कभी लो-वोल्टेज तो कभी अघोषित कटौती के कारण सुचारु ढंग से चल नहीं पा रहा है। प्लांट की विद्युत आपूर्ति मलवां फीडर से जोड़ने का प्रस्ताव एक साल से लंबित है।
ये स्थिति तब है, जब प्रमुख सचिव मनोज सिंह से लेकर कल्पना अवस्थी तक बिजली विभाग को औद्योगिक क्षेत्र से इस प्लांट को जोड़ने के निर्देेश दे चुकीं हैं। मगर बिजली विभाग के आगे प्रमुख सचिवों की भी नहीं चली।
मलवा ब्लाक के गौसपुर गांव में 72 लाख की लागत से प्रदेेश का पहला पुष्टाहार प्लांट एक अप्रैल 2021 शुरू किया गया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ अपर प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने किया था।
प्लांट में पांच मीट्रिक टन पुष्टाहार प्रतिदिन उत्पादित करने की क्षमता है। प्लांट के संचालन का जिम्मा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का है। मगर बिजली कटौती के कारण प्लांट नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है।
गौसपुर गांव में बिजली की समस्या के कारण प्लांट की मशीनें नहीं चल पा रही हैं। लो-वोल्टेज के कारण प्लांट की मशीनें अक्सर खराब हो जाती हैं। हालात ये है कि 24 में सिर्फ 10 घंटे ही बिजली मिल रही है।
ऐसे में प्लांट शोपीस बना हैं। पुष्टाहार बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जनरेटर का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें 15 से 20 हजार रुपये का डीजल खर्च बढ़ गया है।
जागृति महिला प्रेरणा लघु उद्योग की 20 महिलाएं पुष्टाहार निर्माण इकाई केंद्र में दो शिफ्ट में आठ-आठ घंटे काम करती हैं। पुष्टाहार केंद्र में काम करने वाली समूह की महिलाओं को प्रतिदिन 266 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
पुष्टाहार निर्माण केंद्र की अध्यक्ष वंदना देवी ने बताया कि बिजली समस्या के निराकरण को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात की गई है। लेकिन नतीजा अभी तक सिफर है।
लो-वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए बिंदकी और मलवां फीडर से विद्युत लाइन शिफ्ट करने का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी और बजट मिलने पर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। - वैभय आनंद, उपखंड अधिकारी