फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को सजा दिलाने के लिए पीड़िता ने बतौर वादी न्यायालय में आठ साल तक पैरवी की।
घटना 21 अप्रैल 2013 की रात आठ बजे की है। पीड़िता शौंच के लिए घर से बाहर गई थी। लौटते वक्त रास्ते में गांव के सुनील पाल ने उसे मुर्गी फार्म में घसीट लिया और दुष्कर्म किया।
बदहवास हालत में पीड़िता अपने घर पहुंची और दरवाजे पर बेहोश हो गई। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां से उसे हैलट कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
तीन दिन तक गंभीर रहने के बाद स्थिति सामान्य हुई तो पीड़िता ने आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। यह प्रकरण पॉक्सो विशेष अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
बुधवार को प्रकरण की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश मो.अहमद खान ने अपना फैसला सुनाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र उत्तम ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
जिन पर विचार करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी सुनील को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार का अर्थदंड लगाया। इसके अतिरिक्त पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 25 हजार रुपये सहायता देने का भी आदेश दिया।