किशनपुर गल्ला मंडी की टूटी बाउंड्री। संवाद
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विजयीपुर। क्षेत्र के यमुना तटवर्ती व्यापारिक केंद्र रहे किशनपुर में करीब तीन दशक पहले निर्माण कराई गई गल्ला मंडी अब खंडहर में तब्दील हो रही है।
गिने चुने व्यापारी ही यहां से कारोबार कर रहे हैं, जबकि पहले यहां पर क्षेत्रीय व्यापारियों के साथ बांदा जनपद के व्यापारी आते थे। मंडी वीरान सी लगने लगी है। देखरेख न होने से यहां झाड़ियां, पेड़ उग आए हैं और बाउंड्री भी गिर रही है। करीब आधा दर्जन व्यापारी ही यहां पर आते हैं।
व्यापारियों की सुविधा व लोगों के लिए व्यापार का केंद्र बनाने के लिए गल्ला मंडी का निर्माण कराया गया था। इस मंडी में जनपद ही नहीं बांदा जनपद के व्यापारी आते थे और जौ, बाजरा आदि मोटे दाने का व्यापार करते थे। गल्ला बेचकर व्यापारी किशनपुर से मसाला, तेल, कपडे, खाद्यान्न लेकर जाते थे।
मौजूदा समय किशनपुर मंडी धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रही है। वर्तमान समय में महज क्षेत्र के करीब आधा दर्जन व्यापारी ही रोजाना आते है। मंडी के खाली मैदान जंगल बनते जा रहे हैं। मुख्य सड़क की ओर कई साल से बाउंड्री टूटी पड़ी है। देखरेख नहीं होने से यह मंडी जर्जर हो रही है।
किशनपुर गल्ला मंडी का मैदान बना जंगल। संवाद- फोटो : FATEHPUR