फतेहपुर। भारी भरकम बजट होने के बावजूद बहुआ नगर पंचायत क्षेत्र का विकास ठप पड़ा है। ईओ की शिथिलता का परिणाम है कि 74 लाख रुपये से बनने वाले 15 नालों का वर्क आर्डर जनवरी 2020 में जारी हो गया लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ।
यही कारण रहा कि बारिश में लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। नगर पंचायत को आदर्श बनाने का काम भी रुका पड़ा है। इसके अलावा, एमआरएफ सेंटर और अंत्येष्ठि स्थल के लिए आया 64 लाख रुपये भी डंप है।
वर्ष 2017-18 में बहुआ नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत के लिए चयनित किया गया था। शासन ने तीन करोड़ रुपये इसके लिए जारी किए थे। पहली किस्त में डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए।
यह धनराशि दिसंबर 2019 तक खर्च हो गई। इसके बाद नगर पंचायत को अगली किस्त के लिए उपभोग प्रमाणपत्र शासन को भेजना था। यह प्रमाणपत्र डीएम और एडीएम की ओर से जाना था, लेकिन आज तक डीएम के पास इसकी फाइल ईओ ने नहीं भेजी। यानी नगर पंचायत को आदर्श बनाने का काम भी बीच में ही रुक गया।
कूड़ा निस्तारण के लिए क्षेत्र में एमआरएफ सेंटर बना था। इसके लिए अक्तूबर 2019 में शासन ने 35 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए। यह पैसा भी जमा है। इसी तरह, 28.79 लाख रुपये से बनने वाले अंत्येष्ठि स्थल का भी काम शुरू नहीं हो सका।
शासन को जल्द भेजेंगे रिमाइंडर: डीएम
जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने बताया कि नगर पंचायत बहुआ के ईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिमाइंडर शासन को भेजा जाएगा। कुछ काम की व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हो पाया था। ईओ दोषी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।
नाला निर्माण करने वाले ठेकेदार को नोटिस दी जा चुकी है। जल्द काम शुरू करने को कहा गया है। एमआरएफ सेंटर और अंत्येष्ठि स्थल के निर्माण के लिए जमीन की तलाश जारी है। आदर्श नगर पंचायत के लिए उपभोग प्रमाणपत्र जल्द डीएम को भेजा जाएगा। - राजकुमार, ईओ नगर पंचायत बहुआ।