खेतों में जलती पराजी की फाइल फोटो। संवाद
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फतेहपुर। खेत में पराली जलाने वाले 44 किसानों से अब जुर्माना नहीं देना होगा। केंद्र सरकार के इस आदेश की किसानों ने सराहना की है।
पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ने और इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार सेटेलाइट से पराली जलाने वाले किसानों को चिह्नित कर रही थी। पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई करने के लिए कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम बनी हुई है।
जो किसानों के खेत में जाकर निगरानी करती है। इन किसानों को सूचीबद्ध करके उनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी करती हैं। जबकि पिछले साल पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
ऐसे में धान की फसल काटने के बाद किसानों को खेत से पराली खाली करना बहुत ही मुश्किल हो रहा था। अब सरकार ने पराली जलाने पर लगी रोक को हटा दी है, लेकिन कृषि विभाग की टीम अभी भी किसानों को जागरूक करेगी कि वह खेत में पराली न जलाएं। पराली के उपयोग करने का तरीका बताएंगे।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने कहा कि सरकार एक-एक करके किसानों की बातें मान रही है। लेकिन एमएसपी के न्यूनतम मूल्य पर जब तक कानून नहीं बनाया जाता है विरोध जारी रहेगा। पराली जलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने से किसानों को फायदा हुआ है।
किसान नेता रामदत्त मिश्रा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार सही फैसला ले रही है। जब किसानों में खुशहाली आएगी, तभी देश खुशहाल होगा। केंद्र सरकार के इस निर्णय से किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब भयमुक्त होकर किसान खेती कर सकेगा।