फतेहपुर। किसानों का धान खरीद करके संस्थाओं ने दो महीने में 36.54 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसके बाद भी किसानों के धान का भुगतान करने में लेट लतीफी की जा रही है।
करीब साढ़े छह हजार किसानों का क्रय एजेंसियों पर 35 करोड़ 78 लाख 16 हजार रुपये बकाया हैं। सबसे ज्यादा नैफेड पर 15 करोड़ 40 लाख रुपये का बकाया है। किसान धान का भुगतान पाने के लिए केंद्र प्रभारी के चक्कर लगा रहे हैं।
वर्ष 2021-22 में एक लाख 77800 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य जिले को मिला है। इसके लिए छह एजेंसियां के 82 क्रय केंद्र संचालित हैं।
जिनमें अब तक 64974.51 टन धान की खरीद हो चुकी है। सबसे ज्यादा खरीद हाट शाखा के क्रय केंद्रों में हुई है, लेकिन किसानों के धान का बकाया सबसे ज्यादा नैफेड पर है।
नैफेड ने 12918.50 टन धान 1683 किसानों से खरीदा है। जिसमें नौ करोड़ 66 लाख 13 हजार रुपये का भुगतान किया है। 15 करोड़ 40 लाख छह हजार रुपये बकाया है।
ऐसे में किसानों को धान की तौल कराने के बाद 72 घंटे में भुगतान करने के आदेश की हवा अधिकारी निकाल रहे हैं। किसानों को क्रय केंद्र में धान बेचे हुए महीना बीत रहा है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ है।
धान खरीदने वाली संस्थाओं के नाम व बकाया धनराशि
संस्था का नाम - धान राशि लाख रुपये में
हाटशाखा - 794.89
नैफेड - 1540.6
पीसीएफ - 678.26
यूपीएसएस - 336.22
मंडी परिषद - 228.40
भारतीय खाद्य निगम - 33 हजार
धान खरीद का भुगतान ऑनलाइन किया जा रहा है। कुछ बैंकों का विलय हुआ है. इस कारण आईएफएससी कोड मैच नहीं कर पाता है। इसलिए ऑनलाइन भुगतान में कुछ दिक्कत हुई है। जिन किसानों के खाता में भुगतान नहीं पहुंचा है। वह बैंक में ई-केवाईसी करा लें। वहीं नैफेड व यूपीएसएस संस्था की ओर से भुगतान में लापरवाही मिली है। इसलिए दोनों संस्थाओं के क्रय केंद्रों पर खरीद पर रोक लगा दी गई है। - अविनाश झा, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी