किशनपुर/खखरेरू। यमुना नदी उफान पर हैं। गुरुवार को जलस्तर में 2.46 मीटर की वृद्धि होने से पानी कई गांवों में घुस गया। संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी में डूब गए। इससे आवागमन बंद हो गया। असहट पुल पानी में डूब गया।
शाम तक पानी किशनपुर के रामलीला मैदान तक पहुंच गया और अब कस्बे की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह, खखरेरू क्षेत्र में कोट गांव के रास्ते पर पड़ने वाले पुल के डूबने से कई गांव खखरेरू से कट गए हैं। दो दिन यमुना के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी की बात कही गई है। संभावना है कि पानी खतरे के निशान को पार कर जाए।
किशनपुर-असहट मार्ग पर पड़ने वाले तुर्की नाले पर बने पुल तक पानी बुधवार की शाम पहुंच गया था। रात करीब साढ़े 11 बजे पुल पानी में डूब गया। इस कारण असहट सहित पिपरहा डेरा, नेवाजपुर, मझगवां, गुरवल, सेंधरी, बिकौरा सहित कई गांवों का संपर्क किशनपुर से टूट गया है। इन गांव के लोगों को अब किशनपुर आने के लिए सात किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
उधर, बाढ़ का पानी किशनपुर रामलीला मैदान में आ गया है। पानी तेजी के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में जल्द ही वार्ड नंबर छह अहिराना बहिराना, वार्ड नंबर तीन छीछापर, वार्ड नंबर चार नरवा पर मोहल्ले पानी की चपेट में आ सकते हैं। मड़ौली, गढ़ीवा, मझगवां, नरौली, अर्जुनपुर, टिकुरा, कटरी गांवों में पानी जल्द घुस सकता है।
इसी तरह, खखरेरू क्षेत्र में यमुना से लगी ससुर खदेरी नदी में पानी बढ़ जाने से कोट रोड पर बना पक्का रपटा पुल डूब गया। इस कारण रहमतपुर, दौलतपुर, मीना तारा, गाजीपुर, अफजलपुर, चंदापुर, मलूकबारी, मकसूदनपुर, गाजीपुर टिकुरा आदि गांवों का रास्ता बंद हो गया है।
स्थानीय मल्लाहों ने नाव संचालन शुरू कर दिया है। नाव के जरिए लोग नदी पार करके जरूरी सामान खरीदने के लिए आवागमन कर रहे हैं। जलंधरपुर गांव निवासी भोला निषाद, राजेंद्र आदि ने बताया कि पुल बंद हो जाने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। फसलों को भी बहुत नुकसान पहुंचा है
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लोक निर्माण विभाग के जेई उमेश विश्वकर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में बताया गया है कि दो दिन के अंदर हरियाणा के बांध से पानी छोड़ा जाना है। इससे यमुना का जलस्तर और भी बढ़ेगा। बातचीत के अनुसार स्थिति और दिक्कत करने वाली हैं। उस स्थिति में स्टीमर संचालन भी मुश्किल होगा।
एसडीएम ने रोका बड़ी नावों का संचालन
लोक निर्माण विभाग की ओर से यमुना में चार नावें चल रही थीं। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए एसडीएम खागा आशीष कुमार के नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। स्थानीय स्तर पर छोटी नावें ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए लगी हैं। यमुना पार यात्रा के लिए जल्द ही स्टीमर की व्यवस्था की जाएगी।
नागा बाबा पुल भी डूबा, रास्ता
किशनपुर कस्बे के नागा बाबा मंदिर के पीछे बना पुल गुरुवार की दोपहर बाद यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण डूब गया। इस कारण किशनपुर से पहाड़पुर जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। गांव के लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
गंगा ने छुआ खतरे का निशान
गुरुवार को गंगा नदी के जलस्तर ने खतरे के निशान को छू लिया। गंगा में पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों में पानी घुसने की संभावना बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा हुआ है। एसडीएम ने गांव में पानी घुसते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।