फतेहपुर। राजस्थान के धौलपुर बैराज से यमुना में छोड़ा गया 50440 क्यूसेक पानी तबाही मचा रहा है। पांच दिन से लगातार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में 70 सेमी पानी बढ़ा है। हालात को देखते हुए पीएसी को लगाया गया है। राज्यमंत्री ने डीएम और एसपी के साथ शनिवार को बाढ़ के हालात का जायजा लिया और अफसरों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा।
यमुना का पानी ललौली, परसेढ़ा और दपसौरा गांव में घुस गया है। ललौली कस्बा में घरों के अंदर पानी पहुंचने लगा है। वहीं, यमुना की सहायक नोन और ससुर खदेरी नदी भी उफान पर हैं। इन दोनों नदियों पर बने पुल बाढ़ में डूब गए हैं। वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। लोग नाव से पार होकर आवागमन कर रहे हैं। दर्जनों गांवों से संपर्क टूट गया है। वहीं, गंगा का जलस्तर 24 घंटे से स्थिर है। मात्र पांच सेमी पानी बढ़ा है।
बाढ़ नियंत्रण रिपोर्ट के अनुसार यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर बह रहा है। जबकि गंगा नदी चेतावनी निशान से 40 सेमी ऊपर है। बाढ़ को लेकर प्रशासन चौकन्ना है और बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं। ललौली क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। ट्रक में जरूरी सामग्री लाद कर जवान ललौली पहुंच गए हैं। नाव, स्टीमर व जरूरी बाढ़ से बचाव के उपकरण लाए गए हैं।
उधर, यमुना के बाढ़ का पानी जाफरगंज क्षेत्र के गुगौली गांव के अंदर पहुंच गया है। बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी, डीएम अपूर्वा दुबे ने निरीक्षण किया। बाढ़ नियंत्रण टीम के कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किशनपुर में यमुना के बाढ़ का पानी शुक्रवार रात नगर पंचायत के वार्ड नंबर चार और छह में बने मकानों तक पहुंच गया है। घरों के पीछे के हिस्से पर पानी भरा हुआ है। जबकि इन घरों के लिए जाने वाले मार्ग पर पहले ही बाढ़ का पानी भर गया है। लोगों को बाढ़ के पानी में घुसकर निकलना पड़ रहा है। नगर पंचायत किशनपुर के इन दोनों वार्डों का निकास रामलीला मैैदान की ओर है। गुरुवार को ही रामलीला मैदान में बाढ़ का पानी भर गया था। लोगों के घरों की नींव तक पानी पहुंच गया है। अगर इसी रफ्तार में यमुना का जलस्तर बढ़ेगा तो दो दिन में घर के अंदर पानी घुस जाएगा। अहिराना-बहिराना में पुलिस जांच करने पहुंची। (संवाद)