असोथर। बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही से असोथर के लोग उमस भरी गर्मी में बिलबिला रहे हैं। उपकेंद्र में 10 दिन पहले आया 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर आज तक चालू नहीं हो सका है। विभाग अर्थिंग की समस्या तो बता रहा है, लेकिन उसे दूर करने पर काम अभी तक नहीं शुरू किया है। हालात यह हैं कि 24 दिन से यह लोगों को बमुश्किल छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
असोथर उपकेंद्र में 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मरों से छह फीडर चलते हैं। इनसे करीब 300 गांवों को बिजली दी जाती है। एक अगस्त को उपकेंद्र का एक ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। 11 अगस्त को दूसरा ट्रांसफार्मर आ गया है और 14 अगस्त को उपकेंद्र में लगा दिया गया, लेकिन अभी तक उसमें बिजली कनेक्शन नहीं जोड़े गए हैं।
उपकेंद्र के दूसरे ट्रांसफार्मर से घरवासीपुर, असोथर, थरियांव, नरैनी, गाजीपुर और जरौली फीडर से रोस्टर बनाकर बिजली दी जा रही है। इससे लोगों को 24 घंटे में पांच से छह घंटे ही बिजली मिलती है।
उपखंड अधिकारी मोहम्मद जाहिद सिद्दीकी ने बताया कि ट्रांसफार्मर लगाने के बाद जब चार्जिंग में लगाया गया, तो अर्थिंग में दिक्कत आ गई है। नई अर्थिंग बनानी होगी। इसके लिए उपकेंद्र के अवर अभियंता को कहा गया है। नई अर्थिंग बनते ही ट्रांसफार्मर से आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।