फतेहपुर के खागा स्थित प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश सिंह के नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक किसान की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने एक्सपाइरी दवा दी जिससे मौत हुई है। किसान की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा भी किया।
दो ट्रैक्टर में भरकर ग्रामीण खागा कोतवाली पहुंच गए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत किया। कोतवाली क्षेत्र के नक्सारा गांव निवासी ज्ञान सिंह (55) का जीटी रोड स्थित एक नर्सिंग होम में इलाज हो रहा था। गुरूवार की रात उनकी हालात गंभीर हो गई।
परिजन उन्हें नाजुक हालत में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल प्रयागराज लेकर पहुंचे, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर गांव आ गए और शुक्रवार की सुबह दो ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर खागा कोतवाली पहुंचे। पुत्र ने एक्सापयर दवा देने से मौत होने का आरोप लगाया।
खागा जीटी रोड स्थित जिस अस्पताल से ज्ञाान सिंह का इलाज हो रहा था वह गैर पंजीकृत है और इसके संचालक डा. सुरेश सिंह हैं, जो प्रतापगढ़ जिले में पुरुष जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक हैं।
डाॅ. सुरेश सिंह ने बताया कि वह सप्ताहभर में एक बार ही वहां आते हैं और मरीजों का पर्चा बनाकर चले जाते हैं। गलती कहां हुई है, इस बात की जानकारी की जा रही है। नक्सारा निवासी ज्ञान सिंह किसान थे और घर में उनकी पत्नी, पुत्र अमन सिंह, पुत्री नेहा, छाया हैं। एक पुत्री माया सिंह का विवाह हो चुका है।