फतेहपुर। जिले में करीब दो लाख किसानों को गेहूं बुआई के लिए बीज की जरूरत है, लेकिन किसानों को बीज उपलब्ध कराने वाले सरकारी बीज केंद्र खाली चुके हैं। इस कारण किसानों को केंद्रों के बाहर से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
जनपद में दो लाख 19 हेक्टयर भूमि में गेहूं बुआई का लक्ष्य है। इसे पूरा करने किसान जनपद के 13 ब्लॉकों के सरकारी बीज केंद्रों के लगातार चक्कर काट रहे हैं। वहीं कृषि अधिकारियों का दावा है कि 50 प्रतिशत यानी एक लाख किसान अपने खेत के बचत बीज से बोआई करता है। 25 प्रतिशत यानी 25 हजार किसान निजी केंद्रों से बीज खरीदते हैं। वहीं जिले में सात हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 72 सौ क्विंटल बीज वितरण केंद्रों से किया जा चुका है। इसमें करीब नौ हजार किसान लाभांवित हुए हैं। एक हजार क्विटंल बीज जल्द उपलब्ध होगा।
उसे भी किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इस बार बीज की बोरी के दाम कम होने की वजह से केंद्रों में भीड़ लग रही है। कृषि उपनिदेशक राम मिलन सिंह परिहार का कहना है कि किसानों को पिछले वर्ष 2250 रुपये जमा कराकर सब्सिडी के रूप में 1292 रुपये खाते में लौटाए गए थे। इस वजह से पिछले साल छह हजार किसानों ने ही केंद्रों से बीज लिए थे। उसी आधार पर इस बार लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन बैंक खाते में सब्सिडी न देकर सीधे बीज की एक बोर 958 रुपये में दी जा रही है। इस वजह से किसानों की भीड़ बढ़ गई है।