फोटो-18- समिति के बाहर खड़े किसान। संवाद
असोथर। क्षेत्र की सहकारी समिति पिछले 10 दिनों से बंद पड़ी है, जिससे किसानों को यूरिया खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। समिति से खाद न मिलने के कारण किसान बाजार से 266.50 रुपये की 45 किलो की यूरिया बोरी 500 रुपये तक में खरीदने को मजबूर हैं।
कौंडर, हरनावा समेत आसपास के पांच गांवों के किसान लगातार समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार ताले लगे मिलते हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कौंडर निवासी किसान गुलाब सिंह ने बताया कि उन्होंने 50 बीघा में धान की रोपाई की है, लेकिन खाद न मिलने से फसल खराब होने की कगार पर है। मजबूरी में वह ऊंचे दामों पर प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं।
हरनावा गांव के रामसिंह पासवान ने कहा कि 15 बीघा में धान की रोपाई की है और पानी की कमी के चलते सिंचाई पर पहले ही अतिरिक्त खर्च हो चुका है। अब खाद के लिए भी अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
समिति के सचिव मृदुल तिवारी ने बताया कि खाद की डिमांड भेज दी गई है। जैसे ही आपूर्ति होगी, किसानों को वितरण शुरू कर दिया जाएगा।