फतेहपुर। दोआबा में तस्करी की अपमिश्रित शराब की बिक्री हो रही है। यह बात भौली कांड में एक शराब के पौवे पर रामपुर जनपद का बारकोड लगा होने से साबित हो गया है।
जो सोमवार को जांच में नकली साबित हुआ। लखनऊ से जांच रिपोर्ट आते ही आबकारी विभाग के अफसरों के पैरों तले जमीन और गर्म हो गई है।
जांच रिपोर्ट से जाहिर हो गया है कि नकली बार कोड, नकली ब्रांड का लेबल प्रयोग करने वाले तस्कर शराब भी अपमिश्रित ही भरेंगे।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में शराब सेवन से हुई दो मौतों के मामले में अमर उजाला ने सोमवार के अंक में बड़ा खुलासा किया था।
इसमें बताया गया था कि जांच के दौरान आबकारी टीम को मौके से मिले छह पौवों में एक पर रामपुर जनपद का बारकोड लगा मिला था।
इससे यह स्पष्ट हो गया था कि शराब तस्करी की है और इस पर लगाया गया बारकोड भी नकली है। आबकारी ने बारकोड को जांच के लिए विभाग को तकनीकी सेवाएं दे रही लखनऊ की संस्था इंफोटेक के पास भेजा था।
सोमवार को जांच रिपोर्ट आते ही विभाग के अफसर खामोश हो गए। जांच में रामपुर का यह बारकोड नकली मिला है। इससे यह तय हो गया है कि बारकोड के साथ ही पौवे पर लगा लेबल नकली था और उसके अंदर भरी शराब भी हाथ से बनाकर पैक की गई थी।
आबकारी विभाग के सामने हैंडमेड शराब की तस्करी करने वालों को पकड़ने का नया चैलेंज मिला है। जो उनके लिए टेड़ी-खीर साबित होने वाला है।
मृतक व बीमार है अपमिश्रित शराब का प्रमाण
आबकारी विभाग अब यह कहकर बचने का प्रयास कर रहा है कि शराब अपमिश्रित थी या नहीं, इसका प्रमाण नहीं है। इसलिए की उन्हें मौके से केवल खाली पौवे ही मिले थे।
जबकि शराब अपमिश्रित ही थी, इसका प्रमाण दो व्यक्तियों की मौत व 19 बीमार व्यक्ति हैं, जो ठीक होकर घर लौटे हैं।
जांच एजेंसी ने जो रिपोर्ट दी गई है, उसके अनुसार रामपुर का बारकोड नकली है। उसकी नकल करने का पूरा प्रयास हुआ है। मौके से शराब का नमूना नहीं मिला है। इसलिए शराब अपमिश्रित थी या नहीं, यह नहीं कहा जा सकता है। - संतोष कुमार तिवारी, जिला आबकारी अधिकारी।