फतेहपुर। पांच बार प्रवेश तिथि बढ़ने के बाद भी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 411 सीटें खाली रह गई। संस्थान ने अब प्रवेश प्रक्रिया रोक कर विधिवत कक्षाएं शुरू कर दी हैं।
कोरोना काल से जिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सीटें भरने का संकट पैदा हो गया है। सत्र की शुरुआत के समय में अभ्यर्थियों ने आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया था, लेकिन जुलाई से लेकर अब तक पांच बार प्रवेश की तिथियां बढ़ाई गईं। अब तक पीरी सीटें नहीं भर पाईं। पूरे छह महीने तक प्रवेश काउंटर खुले रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसी भी संस्थान के एक ट्रेड में 20 या फिर 24 सीटें होती हैं। अभी तक स्थिति यह है कि ज्यादातर ट्रेडों में सीटें रिक्त हैं। जिले में पांच राजकीय आईटीआई संचालित हैं। इनमें आईटीआई फतेहपुर, आईटीआई सिविल लाइन बिंदकी बस स्टाप, आईटीआई खागा, आईटीआई बिंदकी, आईटीआई जहानाबाद शामिल हैं। इन सभी के विभिन्न ट्रेडों में कुल 411 सीटें रिक्त हैं।
नोडल प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कुमार का कहना है कि उनके संस्थान में प्रवेश की स्थिति ठीक ठाक है, लेकिन अन्य आईटीआई में प्रवेश की स्थिति चिंताजनक है । रिक्त 411 सीटें भरने के लिए पूरी कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आईटीआई का कढ़ाई ट्रेड खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। जिले की एक मात्र आईटीआई सिविल लाइन फतेहपुर में कढ़ाई का ट्रेड संचालित है। इसमें भी लगातार सत्र 2018, 2019, 2020, 2021 में एक भी अभ्यर्थी ने प्रवेश नहीं लिया।