फतेहपुर। शहर के चिल्ड्रेन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भारतीय लोकतंत्र के सबसे काले अध्याय आपातकाल की याद में बुधवार जिला प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल की मौजूदगी में ने गोष्ठी का आयोजन हुआ। प्रभारी मंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 को लगा आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
आपातकाल आंतरिक संकट का बहाना बनाकर थोपा गया, जबकि वास्तविक कारण सत्ता की लालसा और चुनाव निरस्त होने का डर था। इंदिरा इज इंडिया जैसे नारे उस समय की व्यक्ति पूजा और परिवारवाद की प्रवृत्ति को दर्शाते थे। कहा कि कांग्रेस आज भी उसी राह पर चल रही है, केवल चेहरे और तरीके बदले हैं। उनकी सोच अब भी वैसी ही है।
कार्यक्रम में 14 लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल, बिंदकी विधायक राजेंद्र पटेल, ज्योति प्रवीन, प्रसून तिवारी, पुष्पराज पटेल आदि रहे।
गोष्ठी में स्कूल के छात्र पहुंचे
गोष्ठी में स्कूल की ड्रेस में बैठे छात्रों से भीड़ बढ़ गई। दरअसल स्कूल में ही आपातकाल के कार्यक्रम का आयोजन और प्रेसवार्ता रखी गई थी। प्रभारी मंत्री ने प्रेस नोट बांटकर महज पांच मिनट में प्रेसवार्ता समाप्त की। वे नीचे सभागार में गोष्ठी में पहुंचे। यहां पर एक पूरी पंक्ति में छात्र-छात्राओं को बैठाया। इससे लगा कि पूरा सभागार भरा है।