धाता और खखरेरू क्षेत्र की ग्रामीण आबादी को अब शीघ्र ही शहरी होने का तमगा मिल जाएगा। शासन ने खागा तहसील के धाता और खखरेरू को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार को जैसे ही यह सूचना ग्रामीणों को हुई तो सभी खुशी से उछल पड़े।
कई वर्षों से खखरेरू और धाता के लोग यहां के ग्राम पंचायतों को समाप्त कर नगर पंचायत बनाए जाने का सपना संजोकर बैठे हुए थे। खागा विधानसभा क्षेत्र के यह दो मुख्य इलाके चुनाव की तस्वीर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रखते हैं।
खखरेरू और धाता नगर पंचायतें बनती हैं तो यहां के लोगों को बेहतर सड़कें, बिजली की रोशन से जगमग कस्बा, साफ पेयजल, जलनिकासी की शानदार व्यवस्था, सफाई और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इस खुशी के मौके पर स्थानीय लोगों और भाजपा के खखरेरू मंडल अध्यक्ष हिमांशू त्रिपाठी ने खागा विधायक कृष्णा पासवान का माला पहनाकर स्वागत किया। पार्टी के लोगो ने कहा कि विधायक के प्रयासों से ही यह काम हुुआ है।
सरकार द्वारा जो अधिसूचना जारी हुई है। उसके अनुसार खखरेरू ग्राम पंचायत को समाप्त कर इसे नगर पंचायत का दर्जा मिलेगा। चचीड़ा, दरियामऊ, हरदासपुर सराफन, रक्षपालपुर, सलवन, प्रतापपुर, लोहारपुर, बरहटा चकिया गांवों का खखरेरू में विलय होगा।
मौजूदा समय खखरेरू की आबादी करीब 14 हजार, चचीड़ा की चार हजार, दरियामऊ की 2500, हरदासपुर सराफन की 2600, रक्षपालपुर की 1800, सलवन व प्रतापपुर की करीब 5000, लोहारपुर की 1200 और बरहटा चकिया की आबादी 2500 के करीब है। मौजूदा समय यहां खखरेरू और रक्षपालपुर दो ही मुख्य इलाके हैं।
फोटो 23 -अंतू मौर्य
खखरेरू के रक्षपालपुर के रहने वाले अंतू मौर्य कहते हैं कि जैसे ही नगर पंचायत बनाए जाने की खबर जैसे ही मिली तो मन खुश हो गया। जिन सुविधाओं के लिए दिन-रात चक्कर काटते थे, अब वह सुविधाएं खुद ब खुद चलकर दरवाजे पर आएंगी, इससे सुखद पल और क्या हो सकता है। सरकार के इस फैसले का स्वागत है।
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फोटो 22- आनंद दत्त मिश्रा
खखरेरू के रहने वाले आनंद दत्त कहते हैं कि यहां मूलभूत सुविधाओं की समस्या इंसान के साथ-साथ चलती है। पेयजल, निकासी, बिजली किसी भी बिंदु पर लोग संतुष्ट नहीं मिलेंगे। नगर पंचायत बनने की सूचना, सपना पूरा होने जैसी है।
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ग्राम पंचायत से भावी नगर पंचायत धाता :-
अभी नगर पंचायत बने, बंटवारे की लड़ाई तो जारी है
धाता। विकास खंड धाता फतेहपुर जनपद का सुदूरवर्ती इलाका है। यहां के लोगों को तहसील मुख्यालय या जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कई मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। इसमें सड़कों की दुर्दशा, सीधे वाहनों का आवागमन कम होना और शाम होते ही आवागमन बंद हो जाने जैसी समस्याएं हैं। धाता के लोग कई गांवों को जिला कौशांबी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। धाता से कौशांबी के जिला मुख्यालय मंझनपुर की दूरी 12 से 15 किलोमीटर ही है। जबकि फतेहपुर मुख्यालय की दूरी 60 किलोमीटर से भी अधिक है। ऐसे में यहां के लोगों में इस बात की खुशी तो जरूर है कि धाता नगर पंचायत बनने जा रही है। मगर उनकी बंटवारे की लड़ाई अभी जारी रहेगी। धाता नगर पंचायत बनता है तो करीब 25 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। इसमें कारीकान धाता की जनसंख्या 20 हजार, कचरौली की जनसंख्या 1500, भूला व गलेहरा की 1100, सरसौली व हरदवां की आबादी 900, नरसिंहपुर कबरहा व बारा की आबादी 1300 के करीब है।
स्पीक अप
फोटो -
धाता के रहने वाले मार्कण्डेय सिंह कहते हैं कि लोगों की मेहनत रंग लाई है। धाता नगर पंचायत बनता है तो विकास की नई तस्वीर दिखेगी। मगर धाता को कौशांबी में शामिल करने की लड़ाई जारी रहेगी।
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फोटो 20- गोवर्धन पाल
धाता के गोवर्धन पाल ने कहा कि अब तक धाता विकास में पीछे रहा है। नगर पंचायत बनने से यहाँ की सड़कें, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाए बेहतर तरीके से मिलेंगी। यह बेहद ही खुशी का मौका है।