फतेहपुर। क्रय केंद्र में धान बेचने के लिए बार-बार बदल रहे नियमों से किसान परेशान हैं। जब से खरीद शुरू हुई चार बार नियम बदले जा चुके हैं। अब किसानों द्वारा ऑनलाइन बुक कराए सभी टोकन जो 29 दिसंबर के बाद के थे, रद्द कर दिए गए हैं। किसानों को दोबारा ऑनलाइन टोकन निकालना होगा। किसानों से टोकन निकालने के लिए कैफे सेंटर संचालक 50 से 100 रुपये ले लेते हैं।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोले गए थे। किसानों के लिए पंजीकरण के बाद ऑनलाइन टोकन से धान खरीदने की व्यवस्था शुरू की गई थी। जिसमें किसानों ने कैफे से ऑनलाइन टोकन बुक कराए। फिर 15 नवंबर को ऑनलाइन व्यवस्था को रद्द किया गया और ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था शुरू की गई। किसानों को क्रय केंद्र से टोकन दिया जाने लगा। ऑफलाइन टोकन से सवा महीने तक यानि 23 दिसंबर तक धान खरीद हुई। 24 दिसंबर को फिर से ऑनलाइन टोकन पर धान खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए। जिसमें किसानों ने जनवरी 2022 तक धान की तौल कराने के ऑनलाइन टोकन निकाल लिए। फिर 28 व 29 दिसंबर को बिना टोकन के तौल शुरू कराने का आदेश आया और जो टोकन जनवरी 2022 तक के निकाले गए, उनको रद्द कर दिया गया।
साथ ही 30 दिसंबर से फिर ऑनलाइन टोकन पर खरीद करने का आदेश आया, जिसमें सिर्फ किसान दो दिन के लिए ही टोकन निकाल सकेंगे। ऐसे में धान बेचने वाले किसानों को क्रय केंद्र से ज्यादा कैफे के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। साथ ही टोकन निकालने में कैफे संचालक 50 रुपये से 100 रुपये हर बार किसानों से वसूल रहे हैं।
जानिकपुर गांव के किसान महेश चंद्र ने बताया कि करीब 45 क्विंटल धान बेचना है। 28 दिसंबर को थरियांव क्रय केंद्र में टोकन बुक किया। जब धान लेकर क्रय केंद्र आए तो यह कह कर लौटा दिया गया कि दो दिन ऑफलाइन टोकन पर धान खरीद होगी, जिसमें क्रय केंद्र में डंप धान की तौल कराई जाएगी। अब फिर से टोकन निकालना पड़ेगा।
किसान नीरज सिंह ने बताया कि धान बेचने के पंजीकरण का सत्यापन 52 क्विंटल के लिए हुआ था, जिसके कागज भी कैफे से निकाल लिए थे। दो दिन पहले जब धान बेचने गए तो केंद्र प्रभारी ने पंजीकरण नंबर मशीन में फीड किया और बताया कि पंजीयन में सिर्फ दो क्विंटल धान बेच सकते हैं। जब फिर से कैफे में जाकर पंजीयन के कागज निकाले तो दो ही क्विंटल का सत्यापन दिखा रहा है।
असोथर के किसान कमल सिंह ने बताया कि पंजीकरण कराने में 100 रुपये कैफे संचालक को दिए। फिर 25 दिसंबर को कैफे में 100 रुपये देकर ऑनलाइन टोकन निकाला, जिसमें 29 दिसंबर को धान तौल कराने का समय दिया गया था। जब क्रय केंद्र धान लेकर गए तो वहां पुराने टोकन को रद्द होने के विषय में बताया गया। अब फिर से नए टोकन जारी कराने के लिए कहा गया।
जो शासन से आदेश जारी होते हैं, उन्हीं का पालन कराया जाता है। 28-29 दिसंबर को बारिश की संभावना को देखते हुए ऑफलाइन टोकन से धान खरीद के आदेश आए थे, ताकि क्रय केंद्रों में डंप धान खराब न हो। आगे के टोकन रद्द कर दिए गए हैं। किसान अब दो-दो दिन के लिए टोकन जनरेट कर सकेंगे।
- अविनाश झा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी