फतेहपुर। आईटीआई परिसर में लगे यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेले में मंगलवार को जिले के साथ ही यूपी के कई जिलों से आए लोगों ने अपने स्टाॅल लगाए। यहां एक लाख रुपये की कालीन व 30 हजार का सोफा आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही फर्नीचर, बनारसी साड़ी व देशी मसाले भी खूब बिके। मेले में तीन दिन के दौरान करीब पांच लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है।
यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेले में मंगलवार को लोगों की भीड़ देखने को मिली। जिला सहित उत्तर प्रदेश से आए उद्यमियों ने अपने उत्पाद की प्रदर्शनी लगाई, साथ ही उनकी बिक्री भी की। प्रदर्शनी में भदोही के प्रसिद्ध कालीन, शीशम, सागौन की लकड़ी व धातु के हस्तशिल्प, चूड़ी, बनारसी साड़ी, घरेलू उपयोग की वस्तुएं सहित अन्य सामान शामिल रहा। इस दौरान भदोही से आए कालीन कारीगरों की ओर से लाई गई एक लाख रुपये की कालीन ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। वहीं महिला समूह महिलाओं की ओर से लगाए गए चाऊमीन, पिज्जा सहित अन्य खाने पीने की सामग्री की भी खूब बिक्री हो रही है।
मेले मे भदोही से आए कालीन बनाने मुनीर अहमद ने बताया कि वह झांसी, अलीगड़, लखनऊ, वाराणसी , ऊंचाहार, कानपुर में प्रदर्शनी लगा चुके है। उनके पास एक हजार से एक लाख रुपये की कालीन मौजूद हैं। वह कालीन बनाकर फेरीवालों को देते हैं। वह छह महीने कालीन बनाते हैं, बाद में उसे बेचते हैं।
वाराणसी के नसीम ने बताया कि उनके पास 500 से 3000 रुपये तक की बनारसी साड़ी मौजूद हैं। वह मेले व प्रदर्शनी में जाकर स्टाॅल लगाते हैं, जबकि उनके भाई सलीम वाराणसी में साड़ी बनाते हैं। उनका होल सेल का व्यापार है। वह अब तक प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, लखनऊ, प्रयागराज सहित अन्य स्थानों पर प्रदर्शनी लगा चुके हैं।
मेले में प्रदर्शनी लगाने आए सहारनपुर के शोएब ने बताया कि लकड़ी व धातु से बने फर्नीचर प्रदर्शनी में लगाए हुए हैं। उनके पास 50 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक का सामान मौजूद है। इनमें जहां डाइनिंग सेट25 हजार, सोफा 18 हजार, सिंगल दीवान सात हजार व लकड़ी से बना झूला 18 हजार का शामिल है। सभी सामान में 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
यूपी ट्रेड स्वदेशी मेले का उद्देश्य जिला सहित प्रदेश के कारीगरों को उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनके उत्पादों को पहचान मिले और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उन्हें प्रोत्साहन मिल सके।
चंद्रभान सिंह, उपायुक्त उद्योग