फतेहपुर में पुलिस हिरासत में धर्मांतरण के आरोपी। संवाद
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धर्मांतरण में पादरी समेत 55 लोगों पर रिपोर्ट, 26 गिरफ्तार
- कोर्ट से नौ आरोपी जमानत पर छूटे, 17 जेल भेजे गए
- मिशन हॉस्पिटल के कर्मियों पर भी लगा आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। हरिहरगंज स्थित इवेजलिकल चर्च में हिंदुओं का धर्मांतरण कराए जाने के मामले में पुलिस ने 35 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। यह कार्रवाई विहिप के सहमंत्री हिमांशु दीक्षित की तहरीर पर हुई है।
चर्च में धर्मांतरण कराए जाने के मामले की सूचना पर गुरुवार शाम विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंचे थे। चर्च में मौजूद कई लोगों पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया और चर्च के गेट पर ताला लगा दिया था। हंगामे की सूचना पर एडीएम विनय कुमार पाठक, सीओ सिटी डीसी मिश्रा पहुंचे थे। वहां मौजूद करीब 80 लोगों को पुलिस कोतवाली ले गई थी। इसमें शामिल महिलाओं व बच्चों को छोड़ दिया गया। शुक्रवार सुबह तक कार्रवाई चली। विहिप के सहमंत्री हिमांशु दीक्षित की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस कोर्ट में धोखाधड़ी व कूचरचित दस्तावेज तैयार करने व उनका प्रयोग करने की धारा सिद्ध नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी। इनमें से नौ लोग बेल बांड दाखिल कर जमानत पर छूट गए। बाकी 17 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हिमांशु का आरोप है कि हरिहरगंज स्थित इवेजलिकल चर्च ऑफ इंडिया में लगभग 90 हिंदुओं का धर्मांतरण को कराया जा रहा था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पादरी विजय मसीह ने स्वीकार किया था कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराते हैं। चर्च में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया 34 दिनों से चल रही है। यह 40 दिन बाद पूरी हो जाती है। धर्मांतरण के लिए मिशन हॉस्पिटल के मरीजों और उनके तीमारदारों को बहकाने का प्रयास किया जाता है। उधर, पादरी विजय मसीह ने बताया कि उनका त्योहार चल रहा है। धर्मपरिवर्तन का आरोप गलत है। सीओ सिटी ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।