खागा। लुधियाना में नौकरी करने वाले खागा के एक युवक ने वहां एक बच्चे का अपहरण कर चार लाख की फिरौती मांगी। लुधियाना पुलिस ने जांच शुरू की तो युवक खागा कोतवाली क्षेत्र का निकला। लुधियाना पुलिस ने फतेहपुर पुलिस से संपर्क कर मदद मांगी तो खागा पुलिस व सर्विलांस सेल को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।
शुक्रवार की पूरी रात पुलिस ने आरोपी के घर पर निगाह बनाए रखी और उसकी पत्नी का नंबर सर्विलांस पर लिया। सुबह पांच बजे जैसे ही आरोपी ने पत्नी के मोबाइल पर फोन किया तो पुलिस ने उसकी लोकेशन निकालकर लुधियाना पुलिस को सौंप दी। वहां की पुलिस ने आरोपी को लुधियाना के जंगल से गिरफ्तार कर अपह्रत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
खागा कोतवाली क्षेत्र के शिकारपुर (कस्बा सोहन) निवासी आकाश उर्फ विजय लुधियाना में मेहरबान थानाक्षेत्र के गांव रोड़ में रहकर नौकरी करता था। वह गांव रोड़ निवासी परमजीत सिंह के घर पास रह रहा था और उसका उनके घर आना-जाना भी था।
29 जुलाई की शाम करीब छह बजे आकाश ने परमजीत सिंह के छह वर्षीय पुत्र अमनदीप का उन्हीं की स्कूटी लेकर अपहरण कर लिया। शाम को जब परमजीत व उनकी पत्नी घर आए तो उन्हें घटना की जानकारी पड़ोसियों से मिली। उन्होंने तुरंत थाना मेहरबान में जाकर अपहरण व स्कूटी चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
30 जुलाई को आकाश ने परमजीत के चाचा के मोबाइल पर फोन करके चार लाख की फिरौती मांगी। अपहरण व फिरौती की सूचना से लुधियाना पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आकाश खागा कोतवाली के शिकारपुर गांव का रहने वाला है।
लुधियाना पुलिस के एडिशनल सीपी क्षेत्र-4 रुपेंद्र कौर सरा व राकेश अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक फतेहपुर से संपर्क किया और घटना बताई। एसपी राजेश सिंह ने खागा इंस्पेक्टर संतोष शर्मा व सर्विलांस प्रभारी सुनील यादव को लगाया।
शिकारपुर पहुंची खागा पुलिस
निर्देश मिलते ही इंस्पेक्टर खागा संतोष शर्मा शिकारपुर गांव पहुंचे और आकाश का घर चिह्नित कर उस पर निगाह रखनी शुरू की। पुलिस ने किसी तरह आकाश की पत्नी जो गांव में रहती है, उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया। जिसे सर्विलांस पर लगाया गया।
पूरी रात इंतजार के बाद सुबह करीब पांच बजे अपहरणकर्ता आकाश ने किसी दूसरे नंबर से पत्नी को फोन किया तो पुलिस को मौका मिल गया। पुलिस ने इस नंबर की जांच शुरू की तो वह मेहरबान व कुमकला थानाक्षेत्र के बीच एक घने जंगल में सक्रिय मिला। टीम ने लुधियाना पुलिस को जंगल की लोकेशन दे दी। शनिवार की सुबह 11 बजे पुलिस टीमें लुधियाना के जंगल में पहुंची और आकाश को पकड़कर बच्चे को सकुशल बरामद किया।
सजगता से लौटी परिवार में खुशी
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने खागा पुलिस व सर्विलांस की सजगता की सराहना की और कहा कि मेहनत व सतर्कता के कारण एक परिवार की खुशियां उन्हें वापस मिली। बताया गया कि परमजीत सिंह व उनकी पत्नी दिव्यांग हैं।
उनका बच्चा अमनदीप भी बीमार रहता है और इकलौता है। दो बड़ी बहनें जोती कौर व हरमन कौर हैं। पुलिस अगर बच्चे को बरामद नहीं कर पाती तो उसकी जान को खतरा था। अपहरणकर्ता ने फिरौती की रकम देने के लिए शनिवार की दोपहर तक का समय दिया था।