फतेहपुर। गैरइरादतन हत्या व मारपीट के मामले में दो परिवारों के सात लोगों को सजा सुनाई गई है। गैरइरादतन हत्या में तीन लोगों को 10-10 साल कैद और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। वहीं दूसरे पक्ष के चार लोगों केे चार-चार साल की कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। फैसला अपर जिला जज अखिलेश कुमार पांडेय ने सुनाया है।
एक पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया कि खागा कोतवाली के ऐलई गांव निवासी ननबुद्दा के घर के पास घूर डालने की जमीन है। जमीन पर 29 जनू को 2009 की सुबह गांव निवासी राम विशाल, मैकू पासवान, दुज्जा पासवान, राजबहादुर पासवान (रिश्ते में चारों भाई) कब्जे की नीयत से घूर डालने लगे थे। विरोध करने पर ननबुद्दा को चारों ने गाली-गलौज कर मारापीटा। शोर सुनकर ननबुद्दा को बचाने बुद्दन, रामभवन, रामलाल, छेद्दू पहुंचे।
दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इलाज के दौरान छेद्दू की एक जुलाई को मौत हो गई। मृतक छेद्दू वादी मुकदमा ननबुद्दा का भाई था। पुलिस ने गैरइरातन हत्या, मारपीट, गाली-गलौज का मुकदमा रामविशाल, मैकू, दुज्जा, रामबहादुर पर दर्ज किया था।
मैकू की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद बचे तीनों अभियुक्तों को 10-10 साल की कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष की सहायक शाशकीय अधिवक्ता कल्पना पांडेय ने बताया कि ननबुद्दा पासवान, बुदवन, रामभवन, रामलाल ने दुज्जा पासवान को घूर डालने से रोका था और गाली गलौज की थी।
लाठी डंडे से चारों ने दुज्जा पर हमला किया था। दुज्जा को बचाने रामबहादुर, विशाल, मैकू पहुंचे थे। सभी पर ननबुद्दा पक्ष ने हमला किया। हमले में दुज्जा का बायां कंधा फैक्चर हो गया। कोर्ट ने ननबुद्दा, बुदवन, रामभवन और रामलाल को चार-चार साल कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।