फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दोषी को पाक्सो अधिनियम की विशेष अदालत ने पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में सात सालों से सुनवाई चल रही थी। मामला धाता थानाक्षेत्र का है।
28 अगस्त 2014 की शाम सात बजे 14 वर्षीय नाबालिग अपने छोटे भाई के साथ गांव का मेला देखकर लौट रही थी। तभी उसे रास्ते में दिनेश सिंह नाम का व्यक्ति मिला। दिनेश अपने जानवरों को नहलाने के लिए बाड़े की ओर ले जा रहा था। दिनेश नाबालिग को बाड़े की तरफ घसीटकर ले जाने लगा। इससे घबराकर बच्ची चीखी। जिस पर मेला देखकर लौट रहे लोग दौड़ पड़े। इस पर दिनेश पीड़िता को गाली देते हुए भाग निकला।
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर धाता पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। तबसे प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विशेष लोक अभियोजक देवेश कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए। बुधवार को प्रकरण की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी की अदालत ने आरोपी दिनेश को पांच साल के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को 15 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।