फतेहपुर। इंडियन ऑयल की पाइप लाइन तोड़ कर तेल चोरी की ताबड़तोड़ वारदातों में शामिल रहे माफिया मनोज अग्रवाल के एक-एक मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। छह साल पहले कल्यानपुर थाने में पाइप लाइन तोड़ कर हुई चोरी में एसआईटी की जांच के आधार पर कोर्ट ने माफिया का 14 दिन के कस्टडी रिमांड की अनुमति दी है। इस तरह से मुकदमे में अन्य आरोपियों के साथ माफिया आरोपी बन चुका है।
मथुरा जिला फरह थाने के बेरी निवासी तेल माफिया मनोज अग्रवाल मलवां थाना क्षेत्र में इंडियन ऑयल की पाइप लाइन तोड़ कर तेल चोरी के मामले में लगे गैंगस्टर आरोप पर जेल में निरुद्ध है। अंर्त जनपदीय माफिया पर 50 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ पूर्व में तीन अन्य पाइप लाइन तोड़ कर चोरी के तत्कालीन विवेचकों के दबाए मामलों की एसआईटी जांच कर रही है। एक मामला कल्यानपुर थाना क्षेत्र का 2018 का है। तेल चोरी, विस्फोटक अधिनियम समेत कई धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमें में मैनपुरी जिला के रवि उर्फ रविया, पंकज सिंह, शैलू उर्फ शैलेंद्र, उम्मेद सिंह, अर्जुन सिंह, सर्वेश शर्मा, विमलेश कुमार के विरूद्ध चार्जशीट लगाकर विवेचना समाप्त की थी। मामले में मनोज अग्रवाल का नाम एसआईटी की दोबारा शुरू हुई जांच में आया है। एसआईटी की विवेचना आधार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मनोज अग्रवाल के विरुद्ध कल्यानपुर चोरी का प्रार्थना पत्र स्वीकार किया है। मुकदमे में 14 दिन की न्यायिक हिरासत दी है। जिला कारागार से 31 जुलाई को तलब किया है।
इनसेट
सह आरोपियों की मां के बयान से पलटी बाजी
करीब छह साल से कल्यानपुर चोरी में बचा माफिया मनोज सह आरोपियों की मां मुन्नी देवी के बयान पर फंसा है। रवि उर्फ रबिया, शैलू उर्फ शैलेंद्र, पंकज की मां ने एसआईटी की जांच में बयान दिया कि उसके बेटे तेल चोरी का काम मनोज अग्रवाल के लिए करते थे। पकड़े जाने पर मनोज अग्रवाल ने उन्हें बचाने के लिए कहा था। उसके कहने पर लड़के चोरी करने जाते थे। एसआईटी ने 20 जून को मुन्नी देवी बयान दर्ज कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए थे।