फतेहपुर। नगर पालिका में ऑफलाइन टेंडर जारी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को सभासदों ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स से मुलाकात कर टेंडर निरस्त करने की मांग की। सभासदों का आरोप है कि बोर्ड की सहमति के विपरीत टेंडर प्रक्रिया अपनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सभासदों ने बताया कि 15 अप्रैल को हुई नगर पालिका बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि शहर के नालों की सिल्ट सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया के बजाय कर्मचारियों की भर्ती की जाए। इससे नगर पालिका को एक वर्ष के लिए कर्मचारी उपलब्ध हो जाते और नियमित सफाई कराई जा सकती थी।
आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने इस प्रस्ताव के विपरीत करीब 81 लाख रुपये लागत का टेंडर जारी कर दिया। सभासदों के मुताबिक टेंडर ऑनलाइन प्रक्रिया से न निकालकर ऑफलाइन जारी किया गया है।
इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने डीएम से पूरे मामले की जांच कर टेंडर निरस्त करने की मांग की। इस दौरान रितिक पाल, अतीश पासवान, संजय श्रीवास्तव समेत कई सभासद मौजूद रहे।
सदर नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने बताया कि टेंडर अभी प्रकाशित नहीं हुए हैं। मामला मेरी जानकारी में नहीं है। सभी कार्य बोर्ड के मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे।