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सहकारी समितियों में खाद नहीं, किसान परेशान

Mon, 02 Feb 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध कराने का प्रशासन का दावा हवा में है। हकीकत यह है कि ज्यादातर साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं है। किसानों को समितियों के चक्कर लगाने के बाद भी यूरिया खाद नहीं मिलती है।
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मजबूरी में खुले बाजार की मिलावटी खाद खरीद कर खेतों में किसान डाल रहे हैं, जिससे फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। खाद न मिलने से किसानों में असंतोष व्याप्त है।

पिछले दिनों हुई बारिश से किसानों की गेहूं की फसल की सिंचाईं हो गई है, जिससे यूरिया खाद का छिड़काव जरूरी हो गया है। किसान खाद के लिए परेशान है।

किसान धनराज सिंह, मस्सन, नत्थू, सुनील कुमार, लल्लू दद्दा, अवधेश तिवारी और राजबहादुर ने बताया कि समितियों में खाद नहीं आ रही है।

इससे मजबूरीवश खुले बाजार से मिलावटी खाद महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है। एडीसीओ सहकारिता ने बताया कि गोदाम में खाद की कमी से समितियों में खाद नहीं पहुंच रही है।
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उधर, देवमई विकास खंड के कस्बे बकेवर में यूरिया खाद की हो रही कालाबाजरी से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। समितियों से खाद नदारत है और वहां ताले पड़े हैं।

किसानों को बाजार से प्रिंट रेट से अधिक दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।खाद के लिए दर-दर भटक रहे क्षेत्रीय किसानाें में शिव प्रसाद गुप्ता, शिवशरण वर्मा, संतोष, अश्वनी आदि ने शासन व प्रशासन को कोसते हुए कहा है कि समितियों मे ताला बंद है। कस्बे का  दुकानदार 348 रुपये की प्रिंट बोरी की कालाबाजारी करके 490 रुपये में बेच रहे हैं। मजबूरी में किसानों को खरीदना पड़ रहा है। जबकि दुकानदारों का कहना है कि इलाहाबाद से मंगाई गई खाद बढ़े दामो में मिली है, इसलिए मंहगी बेचनी पड़ती है। एसडीएम शिव प्रसाद ने बताया कि जांच कराकर अधिक दामों में खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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