शासन से मिली राज्य आकस्मिकता निधि की धनराशि का वितरण नहीं किया गया है। जबकि डीएम ने सभी राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया था कि 31 मार्च के पहले फसल बर्बादी मुआवजे की चेक किसानों को मिल जानी चाहिए।
अभी तक प प्रथम चरण की धनराशि का लाभ किसानों को नहीं दिया गया है।
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश में 50 फीसदी से अधिक फसलों के नुकसान में सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है, जिसमें शासन की ओर से राज्य आकस्मिकता निधि से दो करोड़ 92 लाख 66 हजार जिले को दिया गया है।
प्रथम चरण में सदर तहसील को 31 लाख, खागा और बिंदकी को 30-30 लाख रुपये तहसीलदार के खातें में धनराशि भेज दी गई है।
इसमें अभी तक मात्र सदर तहसील के असोथर ब्लाक क्षेत्र के ओती गांव में 202 किसानों के खातों में धनराशि भेजी गई है।
शासन के निर्देश के बाद अभी तक प्रथम चरण की 91 लाख रुपये मुआवजे की धनराशि का वितरण नहीं हुआ है। किसान फसल बर्बादी के मुआवजा धनराशि की आस लगाए हुए हैं।
इसी प्रकार खरीफ की फसल का फसल बीमा के प्रीमियम की धनराशि का लाभ किसानों को नहीं मिला है। बैंक कर्मी मार्च माह का टारगेट पूरा करने के लिए धनराशि बैंक खाते से ट्रांसफर नहीं कर रहे हैं।