फतेहपुर। युवक का अपहरण, लूट व फिरौती के मामले में न्यायालय ने बीती चार नवंबर को बकेवर पुलिस को एक सप्ताह के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। वहीं पुलिस को 15 दिनों के भीतर आख्या प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है। सिपाही का मामला होने की वजह से पुलिस ने अब तक एफआईआर ही दर्ज नहीं की। अब अवमानना बनने पर पुलिस एफआईआर दर्ज करने की बात कह रही है।
बकेवर थाना टरुआपुर निवासी इंद्रजीत का आरोप है कि 22 सितंबर को शाम करीब चार बजे जगदीश उर्फ ईश्वरचंद्र, सत्यम तिवारी, लोकेंद्र पटेल ने असलहों के बल पर चार पहिया से अपहरण किया। उसे सत्यम तिवारी के घर में बंधक बनाए रखा। उसके साथ मारपीट व गाली गलौज की। जान से मारने की धमकी देते हुए गले से सोने का लाकेट व जेब से तीन हजार रुपये छीन लिए। फिरौती में पांच लाख रुपये मांगे। अपहरण की सूचना पर गांव के रिश्तेदार मौके पर पहुंचे।
आरोपी छोड़कर भाग गए। इंद्रजीत का आरोप है कि आरोपियों की मदद बकेवर थाना में तैनात सिपाही अजीत करता है। उसने थाने में शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 25 सितंबर को एसपी से डाक रजिस्ट्री जरिए शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने कोर्ट का सहारा लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदनी उपाध्याय ने चार नवंबर को बकेवर थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके रिपोर्ट भेज दी जाएगी।